Bihar News : पटना में सिनेमा हॉल में 20 रुपये की पानी की बोतल 50 रुपये में बेचना सिनेपोलिस और कोका-कोला कंपनी को भारी पड़ गया। उपभोक्ता आयोग ने मामले को मनमानी और अनुचित व्यापार व्यवहार मानते हुए दोनों पर कुल 85 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आयोग ने साफ कहा कि उपभोक्ता को बाहर से पानी लाने से रोककर उसी उत्पाद को कई गुना कीमत पर खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
मामला वर्ष 2016 का है। 23 सितंबर को एक उपभोक्ता पटना के सिनेपोलिस थिएटर में फिल्म देखने पहुंचे थे। सिनेमा हॉल में बाहर से पानी की बोतल ले जाने पर रोक थी। ऐसे में जब उन्होंने हॉल के अंदर पानी खरीदा तो उनसे 20 रुपये कीमत वाली बोतल के लिए सीधे 50 रुपये वसूल लिए गए। यानी जिस बोतल की खुले बाजार में कीमत 20 रुपये थी, उसके लिए सिनेमा हॉल में ढाई गुना रकम चुकानी पड़ी।
इसके खिलाफ उपभोक्ता ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई के बाद आयोग के अध्यक्ष प्रेम रंजन मिश्र और सदस्य रजनीश कुमार ने सिनेपोलिस और कोका-कोला को जिम्मेदार माना। आयोग ने दोनों पर कुल 85 हजार रुपये की देनदारी तय की है। इसमें उपभोक्ता को 25 हजार रुपये क्षतिपूर्ति और 10 हजार रुपये मुकदमे के खर्च के रूप में देने का आदेश दिया गया है, जबकि 50 हजार रुपये राज्य उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा कराने होंगे।
आयोग ने अपने आदेश में कहा कि किसी उपभोक्ता को बाहर से पानी लाने से रोककर अधिक कीमत पर वही उत्पाद खरीदने के लिए बाध्य करना उचित नहीं है। एक ही उत्पाद के लिए अलग-अलग और मनमानी कीमत वसूलना उपभोक्ता हितों के खिलाफ है। आयोग ने सिनेपोलिस और कोका-कोला को खुले बाजार की प्रचलित कीमत से अधिक पर पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर या अन्य उत्पाद बेचने से भी रोकने का निर्देश दिया है।
साथ ही बोतलों पर अधिकतम खुदरा मूल्य यानी MRP साफ और पढ़ने योग्य तरीके से प्रदर्शित करने का आदेश दिया गया है। आयोग ने विधिक माप विज्ञान विभाग और उपभोक्ता संरक्षण मंत्रालय को भी एक ही उत्पाद की मनमानी दोहरी कीमत वसूली रोकने के लिए जरूरी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि 45 दिनों के भीतर इसका पालन नहीं किया गया तो निर्धारित राशि पर 9 प्रतिशत सालाना ब्याज देना होगा। यानी 20 रुपये की बोतल को 50 रुपये में बेचने का खेल सिर्फ महंगा सौदा नहीं, बल्कि अब कंपनियों के लिए कानूनी तौर पर भी भारी पड़ गया है।