road accident : छपरा–मुजफ्फरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 722 पर मंगलवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दुर्घटना गड़खा थाना क्षेत्र के अलोनी बाजार के पास हुई, जहां तेज रफ्तार स्कॉर्पियो वाहन का आगे का टायर अचानक फट गया। टायर ब्लास्ट होते ही वाहन अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे खड़े एक अन्य वाहन से टकराकर पलट गया।


घटना के समय स्कॉर्पियो में कुल नौ लोग सवार थे, जो छपरा से गड़खा की ओर जा रहे थे। जैसे ही वाहन अलोनी बाजार के पास पहुंचा, तेज धमाके की आवाज सुनाई दी और वाहन अचानक असंतुलित होकर सड़क किनारे जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य में जुट गए।


घटना की सूचना गड़खा थाना पुलिस को दी गई। पुलिस दल तुरंत मौके पर पहुंचा और घायलों को वाहन से बाहर निकालकर एंबुलेंस के माध्यम से छपरा सदर अस्पताल भेजा। हालांकि, दो युवकों की मौत मौके पर ही हो गई। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।


मृतकों की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के लोहरी गांव निवासी स्वर्गीय चुन्नीलाल मांझी के पुत्र पंकज कुमार और नगर थाना क्षेत्र के आर्य नगर निचली रोड निवासी अर्जुन महतो के रूप में हुई है। दोनों युवक स्कॉर्पियो में सवार थे। घटना की सूचना मिलते ही मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया।


वहीं घायलों की पहचान नगर थाना क्षेत्र के आर्य नगर निचली रोड निवासी राजू कुमार, विपिन कुमार, जलेश्वर महतो, विमलेश कुमार पर्वत, लगन कुमार, गुडू कुमार और सिवान जिले के दुरौंधा थाना क्षेत्र निवासी धोनी कुमार के रूप में हुई है। सभी घायलों को छपरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार सभी घायलों की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है, हालांकि कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है।


हादसे के बाद कुछ समय के लिए एनएच-722 पर यातायात बाधित रहा। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहन हटाकर यातायात को सुचारु किया। गड़खा थाना पुलिस ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में टायर फटने को दुर्घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है।


क्षेत्रवासियों का कहना है कि एनएच-722 पर लगातार तेज रफ्तार और अपर्याप्त सड़क सुरक्षा उपायों के कारण सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि हो रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि एनएच पर वाहनों की गति पर नियंत्रण लगाया जाए और नियमित वाहन जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि इस तरह की घातक घटनाओं को रोका जा सके।


हाल ही में यह सड़क दुर्घटना इलाके में सुरक्षा पर चिंता बढ़ा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर समय-समय पर वाहन की तकनीकी जांच और टायर की स्थिति पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। इसके अलावा सड़क किनारे पार्किंग और संकेतकों की कमी भी दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है।


स्थानीय प्रशासन ने भी हादसे के बाद सुरक्षा बढ़ाने का आश्वासन दिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आने वाले समय में एनएच-722 पर पैदल मार्ग, रफ्तार नियंत्रक और वाहन निरीक्षण के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा नागरिकों से अपील की गई है कि वाहन चलाते समय हमेशा सुरक्षा नियमों का पालन करें और वाहन की स्थिति समय-समय पर जांचें।


यह हादसा इलाके में सड़क सुरक्षा के महत्व को एक बार फिर उजागर करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज रफ्तार, वाहन की तकनीकी खराबी और सड़क सुरक्षा उपायों की कमी मिलकर कई बार इस तरह के दर्दनाक हादसे का कारण बनती हैं। स्थानीय लोग प्रशासन से आग्रह कर रहे हैं कि एनएच-722 पर नियमित वाहन जांच, गति नियंत्रण और सड़क सुरक्षा उपायों को लागू किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।


इस हादसे ने न केवल मृतकों के परिवारों को शोकाकुल किया है, बल्कि सड़क उपयोगकर्ताओं में भी चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन और पुलिस की सक्रियता से ही एनएच-722 पर यातायात को सुरक्षित बनाया जा सकता है।