Bihar News : सारण जिले के मकेर प्रखंड में बाढ़ राहत सामग्री वितरण के दौरान एक पुलिस अधिकारी का कथित तौर पर ग्रामीणों पर पिस्टल तानने का वीडियो सामने आने के बाद मामला गंभीर हो गया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में भी कार्रवाई हुई है। सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक ने मकेर थानाध्यक्ष संग्राम कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।


मामला मकेर थाना क्षेत्र के पुरुषोत्तमपुर का बताया जा रहा है, जहां बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया जा रहा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर ग्रामीणों और थानाध्यक्ष के बीच विवाद होने की बात सामने आई। वायरल वीडियो में थानाध्यक्ष पहले चप्पल निकालते और इसके बाद कमर से पिस्टल निकालकर ग्रामीणों की ओर तानते दिखाई दे रहे हैं।


राहत लेने के लिए कतार में खड़े थे ग्रामीण

बताया गया कि गंडक नदी के तटबंध टूटने के बाद इलाके में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए प्रशासन की ओर से वितरण कराया जा रहा था। पुरुषोत्तमपुर में भी ग्रामीण राहत सामग्री लेने के लिए कतार में खड़े थे।


इसी दौरान मौके पर मौजूद मकेर थानाध्यक्ष संग्राम कुमार सिंह और कुछ ग्रामीणों के बीच विवाद हो गया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में पुलिस अधिकारी का व्यवहार चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, वीडियो में विवाद की शुरुआत किस बात से हुई और पिस्टल निकालने की नौबत किन परिस्थितियों में आई, यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।


वायरल वीडियो के बाद पुलिस विभाग ने लिया एक्शन

वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने के बाद मामला सारण पुलिस के संज्ञान में आया। इसके बाद सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक ने 4 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश में मकेर थानाध्यक्ष संग्राम कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।


निलंबन आदेश में कहा गया है कि सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें थानाध्यक्ष बाढ़ राहत सामग्री वितरण के दौरान जनता की ओर अपना पिस्टल तानते हुए दिखाई दे रहे हैं। प्रथम दृष्टया इसे कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता और मनमानेपन का परिचायक माना गया है।


आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि में थानाध्यक्ष का मुख्यालय निर्धारित किया जाएगा और नियमों के तहत उन्हें सामान्य जीवन-यापन भत्ता देय होगा।


वायरल वीडियो की जांच के भी निर्देश

वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी पत्र में संबंधित पुलिस अधिकारियों को वीडियो की जांच कर रिपोर्ट सौंपने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। अब जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि घटनास्थल पर वास्तव में क्या हुआ था और किन परिस्थितियों में थानाध्यक्ष ने हथियार निकाला।


फिलहाल, वायरल वीडियो ने बाढ़ राहत वितरण के दौरान पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर ऐसे समय में जब बाढ़ प्रभावित लोग राहत सामग्री के लिए प्रशासन पर निर्भर हैं, घटना को लेकर इलाके में चर्चा और नाराजगी दोनों देखी जा रही है।