Bihar News : ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री और नई दवा नीति के विरोध में बिहार समेत देशभर के केमिस्ट संगठनों ने 20 मई को एक दिन की हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल के दौरान थोक और खुदरा दोनों प्रकार की दवा दुकानें बंद रहेंगी। हड़ताल के कारण मरीजों और आम लोगों को दवाइयां खरीदने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। खासकर बुजुर्ग, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों और रोजाना दवा लेने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।


बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन तथा पटना केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सोमवार को संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर इस आंदोलन की जानकारी दी। संगठनों का कहना है कि तेजी से बढ़ रही ऑनलाइन दवा बिक्री के कारण पारंपरिक दवा कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। छोटे और मध्यम स्तर के दवा दुकानदार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।


संगठनों के नेताओं ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना पर्याप्त निगरानी और नियमों के दवाइयों की बिक्री कर रहे हैं, जिससे मरीजों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। उनका कहना है कि कई बार बिना डॉक्टर की पर्ची के भी दवाइयां उपलब्ध करा दी जाती हैं, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ऐसे में सरकार को इस क्षेत्र में सख्त नियम लागू करने चाहिए।


प्रदेश अध्यक्ष पीके सिंह और महासचिव राजेश आर्या ने कहा कि सरकार यदि समय रहते ऑनलाइन दवा बिक्री पर नियंत्रण नहीं करती है तो लाखों छोटे दवा व्यवसायियों का रोजगार संकट में पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन कंपनियां भारी छूट देकर बाजार पर कब्जा कर रही हैं, जिससे स्थानीय मेडिकल दुकानों की बिक्री लगातार घट रही है।


उन्होंने बताया कि 19 मई की देर रात से ही दवा दुकानदार हड़ताल पर चले जाएंगे। 20 मई को पूरे दिन बिहार के साथ-साथ देशभर में दवा दुकानें बंद रहेंगी। हालांकि आपातकालीन सेवाओं को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन सामान्य बिक्री पूरी तरह प्रभावित रहेगी।


पटना केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अर्जुन कुमार यादव ने सभी दवा विक्रेताओं से आंदोलन में एकजुट होकर भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ कारोबार बचाने की नहीं, बल्कि मरीजों की सुरक्षा और दवा व्यवस्था को व्यवस्थित रखने की भी है।


उन्होंने बताया कि आंदोलन के तहत 16 मई से 19 मई तक दवा दुकानदार काला बिल्ला लगाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद 20 मई को दुकानें बंद रखकर सरकार और प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखी जाएंगी। संगठन का दावा है कि इस हड़ताल में बड़ी संख्या में दवा व्यवसायी शामिल होंगे।


इधर, हड़ताल की घोषणा के बाद मरीजों और आम लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है। लोगों से अपील की जा रही है कि जरूरी दवाइयां पहले से खरीदकर रख लें ताकि हड़ताल के दिन किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी कहना है कि नियमित दवा लेने वाले मरीज समय रहते अपनी दवाइयों का इंतजाम कर लें।