Chamoli Tunnel Accident : उत्तराखंड के चमोली जिले में निर्माणाधीन सुरंग में गुरुवार शाम हुए दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर पहाड़ों में चल रहे बड़े निर्माण कार्यों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीपलकोटी क्षेत्र में टीएचडीसी की जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में अचानक पानी और मलबा घुसने से कई मजदूर अंदर फंस गए। हादसे में अब तक 7 मजदूरों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 14 श्रमिक घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में बिहार के चार मजदूर भी शामिल हैं, जिनमें तीन गोपालगंज और एक रोहतास जिले का बताया गया है।
शाम करीब सात बजे सुरंग में मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार, चमोली के पीपलकोटी क्षेत्र में टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (THDC) की विष्णुगढ़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना के लिए सुरंग निर्माण का काम चल रहा था। गुरुवार शाम करीब सात बजे अचानक सुरंग के भीतर पानी और मलबा घुसने लगा। देखते ही देखते सुरंग का एक हिस्सा श्रमिकों के लिए खतरे का स्थान बन गया।
उस वक्त कई मजदूर सुरंग के अंदर निर्माण कार्य में जुटे हुए थे। अचानक हुए भू-धंसाव और पानी-मलबे के तेज बहाव ने उन्हें संभलने का मौका तक नहीं दिया। घटना की सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचा और सुरंग के भीतर फंसे मजदूरों को निकालने का अभियान शुरू किया गया।
रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे के बाद सुरंग के अंदर फंसे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालना राहत टीम के लिए बड़ी चुनौती बन गया। अंधेरा, मलबा और सुरंग के भीतर की परिस्थितियों के बीच बचाव अभियान रातभर जारी रहा। बताया गया कि हादसे के दौरान करीब 22 श्रमिक सुरंग के अंदर फंस गए थे। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बड़ी संख्या में श्रमिकों को बाहर निकाला गया। इनमें कई मजदूर घायल अवस्था में मिले, जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। कुछ श्रमिकों को डॉक्टरों ने मृत घोषित किया, जबकि बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर सात बताई गई।
बिहार के चार मजदूर घायल
इस हादसे की खबर बिहार तक पहुंची तो कई परिवारों की चिंता बढ़ गई। हादसे में बिहार के चार श्रमिक घायल हुए हैं। इनमें गोपालगंज जिले के भोरे क्षेत्र के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले अवधेश, नंदलाल और रोहित पांडे शामिल हैं। वहीं एक घायल मजदूर रोहतास जिले का बताया जा रहा है।
रोहित पांडे की स्थिति गंभीर बताई गई, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए श्रीनगर रेफर किया गया है। बाकी घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है। हादसे की सूचना मिलने के बाद घायल मजदूरों के परिवारों में भी बेचैनी का माहौल है और परिजन अपने लोगों की सलामती की जानकारी लेने में जुटे हैं।
अलग-अलग राज्यों के मजदूर हादसे की चपेट में
सुरंग हादसे में बिहार के अलावा कई अन्य राज्यों के मजदूर भी प्रभावित हुए हैं। घायलों में छत्तीसगढ़ के कोंडागांव निवासी सुनील दीवान, झारखंड के हाबिल गुड़िया, निस्तार भिंगरा, विनोद सावना, दीना बैगरा और खेला राम बिसरा, पंजाब के छब्बा सिंह तथा हिमाचल प्रदेश के तिलक राज समेत अन्य श्रमिकों के नाम सामने आए हैं। घायल मजदूरों को गोपेश्वर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद गोविंद नामक एक घायल मजदूर को अस्पताल से छुट्टी मिलने की जानकारी है, जबकि रोहित पांडे को गंभीर हालत के कारण श्रीनगर रेफर किया गया है।
मृतकों में बिहार और झारखंड के मजदूर भी
हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों में टिहरी जिले के गेंवाल निवासी प्रदीप सिंह पवार, चमोली निवासी मुकेश, बिहार के दुर्लभ शर्मा, झारखंड के विजय और जितेंद्र कुमार सहित अन्य मजदूरों के नाम बताए गए हैं। लोकेश्वर और भुनेश्वर के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
एक हादसा, कई परिवारों में मातम
सुरंग निर्माण का काम रोज की तरह चल रहा था, लेकिन कुछ ही पल में वहां जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष शुरू हो गया। पानी और मलबे के अचानक सुरंग में घुसने से मजदूरों को संभलने का मौका नहीं मिला। कुछ श्रमिक बाहर निकल पाए, जबकि कई मलबे और पानी के बीच फंस गए।
फिलहाल राहत और बचाव अभियान के बाद घायलों का इलाज जारी है और प्रशासन की ओर से हादसे से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सुरंग निर्माण के दौरान सुरक्षा इंतजामों और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ी चिंता उन परिवारों की है, जिनके अपने इस हादसे के बाद अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।