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Census 2026 : अब सरकार जानेगी आपकी हर आदत, लिव-इन कपल्स को भी मिलेगा शादीशुदा दर्जा! घर में कितना अनाज यह भी बताना होगा

देश की 16वीं जनगणना इस बार पूरी तरह डिजिटल होगी। सरकार नागरिकों से उनके घर, जीवनशैली और रिश्तों तक की जानकारी जुटाएगी, जिसमें लिव-इन कपल्स को भी शामिल किया गया है।

30-Mar-2026 12:07 PM

By First Bihar

Census 2026 : देश की 16वीं जनगणना इस बार कई मायनों में ऐतिहासिक होने जा रही है। यह केवल आबादी की संख्या तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि नागरिकों के रहन-सहन, जीवनशैली और सामाजिक संरचना की विस्तृत जानकारी भी जुटाई जाएगी। केंद्र सरकार द्वारा जारी 33 नए FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल) इस बात का संकेत देते हैं कि इस बार जनगणना एक तरह से लोगों की ‘डिजिटल प्रोफाइल’ तैयार करेगी।


सरकार ने इस बार जनगणना प्रक्रिया को पूरी तरह आधुनिक और डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पहली बार नागरिकों को ‘सेल्फ-एन्युमरेशन’ यानी स्व-गणना की सुविधा दी गई है। इसके तहत लोग घर बैठे ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी खुद भर सकेंगे। यह सुविधा जनगणना के दोनों चरणों—हाउस लिस्टिंग (HLO) और जनसंख्या गणना—में उपलब्ध होगी।


1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा पहला चरण

सरकार के अनुसार, जनगणना का पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा। इस दौरान अधिकारी घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे, वहीं इच्छुक लोग ऑनलाइन माध्यम से भी अपने डेटा को दर्ज कर सकेंगे। इससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनने की उम्मीद है।


लिव-इन रिलेशनशिप को मिली मान्यता

इस बार जनगणना में सबसे बड़ा और सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण बदलाव ‘लिव-इन रिलेशनशिप’ को लेकर किया गया है। FAQ के अनुसार, यदि कोई कपल लिव-इन में रह रहा है और अपने रिश्ते को स्थिर मानता है, तो उसे जनगणना में ‘विवाहित जोड़े’ के रूप में दर्ज किया जाएगा। यह पहली बार है जब इस तरह के रिश्तों को आधिकारिक तौर पर मान्यता दी गई है, जो समाज में बदलते रिश्तों की स्वीकृति को दर्शाता है।


क्या-क्या जानकारी जुटाई जाएगी?

इस बार पूछे जाने वाले सवाल काफी विस्तृत और जीवन के विभिन्न पहलुओं को कवर करने वाले होंगे। अधिकारियों द्वारा सबसे पहले भवन नंबर और जनगणना मकान नंबर से प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद घर की संरचना से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे, जैसे फर्श, दीवार और छत में इस्तेमाल की गई सामग्री क्या है। इसके अलावा परिवार के मुखिया का नाम, लिंग और उनका सामाजिक वर्ग (SC, ST या अन्य) भी दर्ज किया जाएगा। घर के मालिकाना हक—यानी मकान अपना है या किराए का—की जानकारी भी ली जाएगी।


सुविधाएं, वाहन और खान-पान भी शामिल

जनगणना में इस बार घर की बुनियादी सुविधाओं पर भी खास ध्यान दिया जाएगा। इसमें पेयजल, बिजली और अन्य जरूरी सुविधाओं की स्थिति के बारे में पूछा जाएगा। साथ ही परिवार के पास मौजूद वाहनों—जैसे साइकिल, स्कूटर या कार—की जानकारी भी दर्ज की जाएगी। खान-पान से जुड़े सवालों में यह पूछा जाएगा कि परिवार मुख्य रूप से किस प्रकार के अनाज का सेवन करता है। इससे सरकार को देश की खाद्य आदतों और पोषण स्तर का आकलन करने में मदद मिलेगी।


डिजिटल बदलाव से आसान होगी प्रक्रिया

सरकार का मानना है कि डिजिटल पोर्टल के जरिए लोग खुद अपनी जानकारी भर सकेंगे, जिससे त्रुटियों की संभावना कम होगी और डेटा अधिक सटीक मिलेगा। साथ ही, इससे समय और संसाधनों की भी बचत होगी।


कुल मिलाकर, 16वीं जनगणना देश के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक ढांचे की गहराई से समझ विकसित करने का एक बड़ा प्रयास है। डिजिटल तकनीक और नए सवालों के साथ यह जनगणना नीतिगत फैसलों के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगी।