Census 2026 : देश में होने वाली आगामी जनगणना इस बार कई मायनों में बेहद खास होने जा रही है। जनगणना की प्रक्रिया के दौरान लोगों से कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे। केंद्र सरकार ने इन सवालों की सूची जारी कर दी है। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि इस बार जनगणना में जाति से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी। इसके अलावा शिक्षा, रोजगार, प्रवासन, परिवार, डिजिटल साक्षरता और कोविड-19 टीकाकरण से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे। यानी जनगणना कर्मचारी जब आपके घर पहुंचेगा तो सिर्फ परिवार में कितने लोग रहते हैं, यह जानकारी ही नहीं लेगा, बल्कि परिवार के प्रत्येक सदस्य से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी दर्ज की जाएंगी।
पहली बार जनगणना में दर्ज होगी जाति
इस जनगणना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा जाति से जुड़ा सवाल है। पहली बार सामान्य जनगणना के दौरान लोगों से उनकी जाति की जानकारी ली जाएगी। सवालों की सूची में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और जाति से संबंधित जानकारी शामिल है।
बताया गया है कि जातियों की कोई अलग सूची सवाल के साथ दिए जाने की संभावना नहीं है। व्यक्ति अपनी जाति के बारे में जो जानकारी देगा, उसे उसी आधार पर दर्ज किया जाएगा। दरअसल, पिछले साल 30 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमिटी ने जनगणना में जाति संबंधी जानकारी शामिल करने का फैसला लिया था। अब इस फैसले को जनगणना की प्रक्रिया में शामिल किया गया है।
परिवार से लेकर धर्म और भाषा तक की जानकारी
जनगणना के दौरान सबसे पहले व्यक्ति का नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्म तिथि और उम्र जैसी सामान्य जानकारी ली जाएगी। इसके बाद वैवाहिक स्थिति, विवाह के समय उम्र, पति या पत्नी का नाम, राष्ट्रीयता और धर्म के बारे में पूछा जाएगा। इसके साथ ही पिता और माता से जुड़ी जानकारी, दिव्यांगता की स्थिति, मातृभाषा और अन्य ज्ञात भाषाओं के बारे में भी सवाल किया जाएगा।
इस बार साक्षरता के साथ डिजिटल साक्षरता की स्थिति भी दर्ज की जाएगी। व्यक्ति किसी शैक्षणिक संस्थान में पढ़ रहा है या नहीं, उसकी सबसे अधिक शैक्षणिक योग्यता क्या है और उसने किस स्ट्रीम या विषय में पढ़ाई की है, इसकी जानकारी भी ली जाएगी।
नौकरी और कमाई से जुड़े सवाल भी होंगे
जनगणना सिर्फ परिवार की सामाजिक स्थिति जानने तक सीमित नहीं रहेगी। लोगों से उनके कामकाज और आर्थिक गतिविधियों से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे। कर्मचारी यह जानेंगे कि व्यक्ति ने पिछले एक साल के दौरान किसी समय काम किया है या नहीं। यदि काम किया है तो उसकी आर्थिक गतिविधि की श्रेणी, व्यवसाय या पेशा और उद्योग, व्यापार या सेवा का स्वरूप क्या है, इसकी जानकारी दर्ज होगी।
इसके अलावा कामगार की श्रेणी, गैर-आर्थिक गतिविधि और व्यक्ति काम की तलाश में है या काम करने के लिए उपलब्ध है, जैसे सवाल भी शामिल किए गए हैं। कार्यस्थल तक आने-जाने से संबंधित जानकारी भी ली जाएगी।
आप कहां से आए हैं, यह भी बताना होगा
जनगणना में इस बार प्रवासन से जुड़ी जानकारी पर भी खास जोर दिया गया है। लोगों से उनका जन्मस्थान, अंतिम निवास स्थान और स्थायी आवासीय पता पूछा जाएगा। यदि कोई व्यक्ति अपने मूल स्थान से दूसरी जगह आकर रह रहा है तो उससे प्रवासन का कारण भी पूछा जाएगा। साथ ही यह भी दर्ज किया जाएगा कि पिछले प्रवासन के बाद से वह गांव या शहर में कितने समय से रह रहा है। इससे देश में लोगों के एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने और अलग-अलग क्षेत्रों में आबादी के वितरण की तस्वीर को समझने में मदद मिलेगी।
महिलाओं से बच्चों को लेकर भी सवाल
जनगणना के 40 सवालों में परिवार और बच्चों से संबंधित जानकारी भी शामिल है। वर्तमान में विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और अलग रह रही महिलाओं से वर्तमान में जीवित बच्चों की संख्या पूछी जाएगी। इसके अलावा अब तक जीवित पैदा हुए बच्चों की कुल संख्या और पिछले एक साल में जीवित पैदा हुए बच्चों की संख्या भी दर्ज की जाएगी।
कोविड वैक्सीन से लेकर बैंक खाते तक सवाल
जनगणना की सूची में कुछ ऐसे सवाल भी हैं, जो लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। इनमें कोविड-19 टीकाकरण से जुड़ा सवाल शामिल है। लोगों से कोविड का टीका लगवाने और टीकाकरण की जगह से संबंधित जानकारी ली जाएगी।इसके अलावा व्यक्ति के कुल बैंक खातों की संख्या भी पूछी जाएगी। मोबाइल नंबर, आधार नंबर और वोटर आईडी नंबर की जानकारी भी मांगी जा सकती है, हालांकि सूची में इन नंबरों के लिए “यदि उपलब्ध हो” जैसी स्थिति रखी गई है। भारतीय पासपोर्ट धारकों से पासपोर्ट नंबर और ड्राइविंग लाइसेंस की उपलब्धता से संबंधित जानकारी भी ली जाएगी।
बर्फीले इलाकों में सितंबर से शुरू होगी प्रक्रिया
सरकारी आदेश के मुताबिक बर्फीले क्षेत्रों में जनगणना की प्रक्रिया पहले शुरू होगी। लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फबारी वाले क्षेत्रों में 1 सितंबर से 30 सितंबर तक जनसंख्या गणना की जाएगी। इन इलाकों में घर-घर जाकर जनसंख्या गणना शुरू होने से पहले 17 से 31 अगस्त तक सेल्फ एन्यूमेरेशन का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा। देश के बाकी हिस्सों में जनसंख्या गणना बाद में शुरू की जाएगी।
जनगणना में पूछे जाने वाले 40 सवाल
व्यक्ति का नाम
परिवार के मुखिया से संबंध
लिंग
जन्म तिथि और उम्र
वर्तमान वैवाहिक स्थिति
विवाह के समय उम्र
पति/पत्नी का नाम
घोषित राष्ट्रीयता
धर्म
अनुसूचित जाति/जनजाति/जाति
पिता का विवरण
माता का विवरण
दिव्यांगता
मातृभाषा और अन्य ज्ञात भाषाएं
साक्षरता और डिजिटल साक्षरता
शैक्षणिक संस्थान में पढ़ाई/उपस्थिति
उच्चतम शैक्षणिक योग्यता और विषय
पिछले एक साल में काम किया या नहीं
आर्थिक गतिविधि की श्रेणी
व्यवसाय/पेशा
उद्योग, व्यापार या सेवा का स्वरूप
कामगार की श्रेणी
गैर-आर्थिक गतिविधि
काम की तलाश या काम के लिए उपलब्धता
कार्यस्थल तक आने-जाने की स्थिति
जन्मस्थान
अंतिम निवास स्थान
प्रवासन का कारण
पिछले प्रवासन के बाद रहने की अवधि
स्थायी आवासीय पता
वर्तमान में जीवित बच्चों की संख्या
अब तक जीवित पैदा हुए बच्चों की कुल संख्या
पिछले एक साल में जीवित पैदा हुए बच्चों की संख्या
कोविड-19 टीकाकरण की जगह
कुल बैंक खातों की संख्या
मोबाइल नंबर, यदि उपलब्ध हो
आधार नंबर, यदि उपलब्ध हो
वोटर आईडी नंबर, यदि उपलब्ध हो
भारतीय पासपोर्ट धारक होने पर पासपोर्ट नंबर
ड्राइविंग लाइसेंस की उपलब्धता
कुल मिलाकर इस बार की जनगणना सिर्फ आबादी गिनने की कवायद नहीं होगी। जाति, शिक्षा, रोजगार, प्रवासन, डिजिटल साक्षरता और परिवार से लेकर पहचान से जुड़े कई पहलुओं की जानकारी एक साथ दर्ज की जाएगी। यही वजह है कि इस जनगणना को देश की सामाजिक और आर्थिक तस्वीर को नए सिरे से समझने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।