NEW DELHI: अगर आप भी सीबीएसई की 10वीं या 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026-27 में शामिल होने जा रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी CBSE ने छात्रों को अपने परीक्षा फॉर्म में हुई गलतियों को सुधारने का एक और मौका दिया है। बोर्ड ने लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स (LOC) में सुधार के लिए करेक्शन विंडो खोल दी है। इसके तहत छात्र अपने नाम, माता-पिता के नाम, जन्मतिथि और चुने गए विषयों से जुड़ी गलतियों को ठीक करा सकते हैं।
सीबीएसई की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, करेक्शन विंडो 2 नवंबर 2026 से खुल चुकी है। इसमें सुधार करने की अंतिम तारीख 7 नवंबर 2026 बताई गई है। ऐसे में छात्रों और अभिभावकों के पास अपनी जानकारी जांचने और जरूरी सुधार कराने के लिए सीमित समय बचा है।
किन गलतियों को सुधारने का मिलेगा मौका?
सीबीएसई ने छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी है कि वे LOC में दर्ज सभी जानकारियों को ध्यान से जांच लें। इसमें सबसे पहले छात्र का पूरा नाम और उसकी स्पेलिंग देखना जरूरी है। बोर्ड ने नाम के संक्षिप्त रूप के बजाय पूरा नाम दर्ज करने पर जोर दिया है।
इसके अलावा पिता, माता या अभिभावक के नाम की स्पेलिंग और छात्र की जन्मतिथि भी अच्छी तरह जांच लें। इन जानकारियों में छोटी सी गलती भी भविष्य में परेशानी का कारण बन सकती है।
खासकर 10वीं और 12वीं के छात्रों को अपने चुने गए विषयों की सूची भी ध्यान से देखनी चाहिए। विषयों से जुड़ी किसी भी गलती को निर्धारित समय के भीतर ठीक कराना जरूरी है, क्योंकि करेक्शन विंडो बंद होने के बाद विषयों में बदलाव की अनुमति नहीं मिलने की बात कही गई है।
पासपोर्ट और मार्कशीट की जानकारी भी करें चेक
बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि अगर उनका पासपोर्ट बन चुका है, तो उसमें दर्ज नाम और अन्य जानकारियों का LOC में दी गई जानकारी से मिलान कर लें। खासकर विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने की योजना बना रहे छात्रों के लिए नाम और सरनेम की सही स्पेलिंग बेहद महत्वपूर्ण है।
कई बार मार्कशीट और दूसरे आधिकारिक दस्तावेजों में नाम या जन्मतिथि अलग-अलग होने से कॉलेज में दाखिले, नौकरी और पासपोर्ट संबंधी प्रक्रियाओं में परेशानी आती है। इसलिए अभी से सभी दस्तावेजों में एकरूपता बनाए रखना जरूरी है।
स्कूलों को भी दिए गए हैं निर्देश
सीबीएसई ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि LOC जमा करने के बाद प्रत्येक छात्र के लिए डेटा वेरिफिकेशन स्लिप तैयार की जाए। इस स्लिप के जरिए छात्र और उनके अभिभावक बोर्ड को भेजी गई जानकारी की जांच कर सकेंगे।
बोर्ड ने स्कूल प्रबंधन से यह भी कहा है कि वे इस संबंध में सभी छात्रों और उनके अभिभावकों को जानकारी दें और निर्धारित समय के भीतर जरूरी सुधार की प्रक्रिया पूरी कराएं। ये निर्देश केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS), नवोदय विद्यालय समिति (NVS), एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल और सैनिक स्कूलों सहित संबंधित संस्थानों को भी भेजे गए हैं।
7 नवंबर तक पूरा कर लें सुधार
सीबीएसई की इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए छात्रों को अपने स्कूल से संपर्क करना होगा। अभिभावक स्कूल से डेटा वेरिफिकेशन स्लिप लेकर उसमें दर्ज सभी जानकारियों को जांचें और अगर कोई गलती मिलती है तो समय रहते सुधार के लिए आवेदन करें।
ध्यान देने वाली बात यह है कि बोर्ड के सर्कुलर में अंतिम तारीख को लेकर 7 नवंबर 2025 छपे होने की बात सामने आई है, जबकि जारी कार्यक्रम के अनुसार करेक्शन विंडो 2 से 7 नवंबर 2026 तक बताई गई है। ऐसे में किसी भी तरह के भ्रम से बचने के लिए स्कूल या सीबीएसई के आधिकारिक अपडेट से अंतिम तारीख की पुष्टि जरूर कर लें।
कुल मिलाकर, बोर्ड परीक्षा से पहले छात्रों के पास अपने रिकॉर्ड में गलतियां सुधारने का महत्वपूर्ण मौका है। इसलिए आखिरी तारीख का इंतजार किए बिना अपने स्कूल से संपर्क करें और नाम, जन्मतिथि से लेकर विषयों तक की हर जानकारी अच्छी तरह जांच लें।