Bihar News: बिहार में उद्योग, रोजगार और पर्यटन को नई दिशा देने के लिए सम्राट चौधरी कैबिनेट ने कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी है। कैबिनेट बैठक में सहरसा, पूर्णिया और कैमूर जिलों में नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का निर्णय लिया गया।
कैबिनेट ने सहरसा औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए वनगांव और देवनागोपाल मौजा में लगभग 420.63 एकड़ भूमि अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर करीब 88.01 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे क्षेत्र में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
पूर्णिया जिले में भी नए औद्योगिक क्षेत्र के विकास का रास्ता साफ हो गया है। कैबिनेट ने करीब 1.25 अरब रुपये की लागत से भूमि अधिग्रहण के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस परियोजना से उद्योगों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
कैमूर जिले के चांद और चैनपुर अंचल में केंद्र सरकार की प्रस्तावित वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे परियोजना के समीप एक बड़े औद्योगिक क्षेत्र का विकास किया जाएगा। इसके लिए 781.18 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा, जिस पर लगभग 230.64 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
सरकार को उम्मीद है कि एक्सप्रेसवे के निकट विकसित होने वाला यह औद्योगिक क्षेत्र निवेशकों को आकर्षित करेगा और क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
राज्य सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य बिहार में औद्योगिक आधार को मजबूत करना, निवेश को आकर्षित करना और युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराना है। इन फैसलों से राज्य के आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।