Bihar Board : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने वर्ष 2026 की इंटरमीडिएट और मैट्रिक विशेष व कंपार्टमेंटल परीक्षा का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। इस घोषणा के साथ ही उन लाखों छात्रों को बड़ी राहत मिली है, जो अपने परिणाम सुधारने या लंबित विषयों की परीक्षा देने का इंतजार कर रहे थे। बोर्ड द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार, इंटरमीडिएट की परीक्षा 2 मई से 11 मई तक आयोजित की जाएगी, जबकि मैट्रिक (दसवीं) की परीक्षा 2 मई से 6 मई के बीच संपन्न होगी।


परीक्षाएं दो पालियों में आयोजित की जाएंगी। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 12:45 बजे तक चलेगी, जबकि दूसरी पाली दोपहर 2:00 बजे से 5:15 बजे तक होगी। बोर्ड ने छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हर पाली में 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया है। इस दौरान परीक्षार्थी प्रश्नपत्र को पढ़ और समझ सकते हैं, हालांकि उन्हें इस समय उत्तर लिखने की अनुमति नहीं होगी। यह कदम छात्रों के मानसिक दबाव को कम करने और बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।


बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों पर समय से पहुंचने को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम 30 मिनट पहले केंद्र में प्रवेश करना अनिवार्य होगा। यानी पहली पाली के लिए सुबह 9:00 बजे तक और दूसरी पाली के लिए दोपहर 1:30 बजे तक प्रवेश मिलेगा। निर्धारित समय के बाद किसी भी छात्र को केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी, इसलिए छात्रों को समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है।


प्रायोगिक परीक्षाओं का कार्यक्रम भी घोषित कर दिया गया है। मैट्रिक की प्रैक्टिकल परीक्षा 29 और 30 अप्रैल को आयोजित होगी, जबकि इंटरमीडिएट के प्रैक्टिकल 13 और 14 मई को लिए जाएंगे। इससे पहले छात्रों को अपने-अपने विद्यालयों से संपर्क कर आवश्यक तैयारियां पूरी करने को कहा गया है।


इंटरमीडिएट परीक्षा के विषयवार कार्यक्रम के अनुसार, 2 मई को हिंदी के साथ जीव विज्ञान, इतिहास या अंग्रेजी की परीक्षा होगी। 4 मई को भौतिकी, एंटरप्रेन्योरशिप, मनोविज्ञान, कृषि, संगीत और हिंदी विषयों की परीक्षा ली जाएगी। 5 मई को अंग्रेजी के साथ गणित या बिजनेस स्टडीज का पेपर होगा। 6 मई को रसायन विज्ञान, अर्थशास्त्र, भूगोल और अकाउंटेंसी फाउंडेशन कोर्स की परीक्षा निर्धारित है। 7 मई को समाजशास्त्र और राजनीति विज्ञान, 8 मई को गृह विज्ञान और दर्शनशास्त्र की परीक्षा आयोजित की जाएगी। वहीं 9 और 11 मई को भाषा और व्यावसायिक विषयों की परीक्षा होगी।


मैट्रिक परीक्षा के कार्यक्रम की बात करें तो 2 मई को मातृभाषा और द्वितीय भारतीय भाषा की परीक्षा होगी। 4 मई को विज्ञान और सामाजिक विज्ञान, 5 मई को गणित और अंग्रेजी, तथा 6 मई को ऐच्छिक और व्यावसायिक विषयों की परीक्षा ली जाएगी।


बोर्ड की ओर से जारी यह शेड्यूल छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह उन्हें अपनी तैयारी को अंतिम रूप देने का अवसर प्रदान करता है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अब छात्रों को समय का सही उपयोग करते हुए रिवीजन, मॉडल पेपर अभ्यास और कमजोर विषयों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।कुल मिलाकर, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा जारी यह परीक्षा कार्यक्रम छात्रों के लिए एक अहम पड़ाव साबित होगा, जो उनके शैक्षणिक भविष्य को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।