Bihar News :  बिहार में चौथे चरण की शिक्षक भर्ती (BPSC TRE 4) का इंतजार कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। राज्य के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि TRE 4 भर्ती की अधियाचना (रिक्त पदों का प्रस्ताव) हर हाल में 25 जुलाई तक बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को भेज दी जाए। इसके साथ ही विभाग के सभी कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरे करने पर भी जोर दिया गया है।


शिक्षा मंत्री ने पटना में विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधियाचना समय पर आयोग को भेजी जाए, ताकि भर्ती प्रक्रिया जल्द आगे बढ़ सके। गौरतलब है कि मंत्री पहले भी संकेत दे चुके हैं कि TRE 4 भर्ती का नोटिफिकेशन जल्द जारी किया जाएगा। ऐसे में अब 25 जुलाई की समय सीमा तय होने से अभ्यर्थियों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं।


मॉडल स्कूलों की प्रगति की समीक्षा

बैठक के दौरान बिहार के विभिन्न प्रखंडों में स्थापित किए जा रहे मॉडल स्कूलों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इन स्कूलों में अब तक चार लाख से अधिक छात्रों का नामांकन हो चुका है। शिक्षा मंत्री ने अन्य राज्यों के मॉडल स्कूलों की कार्यप्रणाली का अध्ययन करने और अगले सप्ताह इस विषय पर विशेष समीक्षा बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया, ताकि बिहार में भी शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जा सके।


शिकायतों का 30 कार्यदिवस में होगा निपटारा

शिक्षा मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम जनता से मिलने वाले आवेदनों और शिकायतों का अधिकतम 30 कार्यदिवस के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विभाग में टीम वर्क की संस्कृति को मजबूत बनाने और सभी अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य करने पर जोर दिया।


अगले सप्ताह आएगी केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की टीम

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि अगले सप्ताह केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की एक टीम बिहार का दौरा करेगी। यह टीम राज्य में शिक्षा सुधार, नवाचार और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेगी। मंत्री ने अधिकारियों को सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।


मदरसा बोर्ड और सिमुलतला विद्यालय पर भी फोकस

समीक्षा बैठक में सिमुलतला आवासीय विद्यालय में सामने आई अनियमितताओं को दूर करने पर चर्चा हुई। इसके अलावा बिहार मदरसा बोर्ड को नए भवन में स्थानांतरित करने और विद्यालयों की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के निर्देश भी दिए गए।


गांवों में जाएंगे बीईओ और डीईओ

शिक्षा मंत्री ने एक नई पहल के तहत निर्देश दिया कि सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) और जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) प्रत्येक माह कम से कम एक दिन गांव में बिताएं। इस दौरान वे अभिभावकों से संवाद करेंगे और स्कूलों से जुड़े मुद्दों पर सीधे फीडबैक लेंगे। उनका मानना है कि इससे जमीनी स्तर पर शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का पता चल सकेगा।


कोचिंग नीति और अपार आईडी पर भी निर्देश

बैठक में कोटा, सीकर सहित देश के प्रमुख कोचिंग केंद्रों की व्यवस्था का अध्ययन कर बिहार के लिए समग्र कोचिंग नीति तैयार करने पर भी चर्चा हुई। साथ ही अपार आईडी (APAAR ID) बनाने के लक्ष्य को पूरा नहीं करने वाले सरकारी और निजी विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा उन्हें मिलने वाली राशि रोकने के निर्देश दिए गए। ई-शिक्षा कोष की व्यवस्था को पारदर्शी बनाने, निधियों के दुरुपयोग की जांच कराने और केंद्र से प्राप्त राशि का समय पर उपयोग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।


राज्य शिक्षा समिति गठन का प्रस्ताव

बैठक में राज्य स्वास्थ्य समिति की तर्ज पर राज्य शिक्षा समिति के गठन के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए विभाग लगातार सुधारात्मक कदम उठा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी योजनाओं की नियमित निगरानी की जाएगी ताकि शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और परिणामकारी बनाया जा सके।


TRE 4 भर्ती को लेकर तय की गई 25 जुलाई की समय सीमा को अभ्यर्थी अहम मान रहे हैं। यदि अधियाचना निर्धारित समय पर BPSC को भेज दी जाती है, तो शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में तेजी आने और नोटिफिकेशन जारी होने की संभावना भी बढ़ जाएगी।