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19-Mar-2026 11:37 AM
By First Bihar
Bihar News : बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 का विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर बुधवार को राजधानी पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी से नाराज अभ्यर्थियों ने इसे लेकर “महाआंदोलन” का रूप दे दिया। हजारों की संख्या में जुटे अभ्यर्थियों ने सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द से जल्द नोटिफिकेशन जारी करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थी पटना कॉलेज से मार्च निकालते हुए गांधी मैदान स्थित जेपी गोलंबर तक पहुंचे। हालांकि, पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद अभ्यर्थियों ने वहीं धरना देकर विरोध जताया और सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया।
करीब एक घंटे तक चले इस प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने पहल करते हुए छात्र नेताओं को वार्ता के लिए बुलाया। छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात BPSC के सचिव और परीक्षा नियंत्रक से कराई गई। इस दौरान अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को अधिकारियों के सामने विस्तार से रखा और जल्द विज्ञापन जारी करने की अपील की।
बैठक के बाद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शिक्षक भर्ती से संबंधित अधियाचना (requisition) में कुछ महत्वपूर्ण संशोधन की आवश्यकता के कारण इसे शिक्षा विभाग द्वारा वापस ले लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस मुद्दे पर 20 मार्च को शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक प्रस्तावित है। बैठक में संशोधनों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा और संशोधित अधियाचना मिलते ही मार्च के अंत तक TRE-4 का विज्ञापन जारी किए जाने की संभावना है।
हालांकि, इस आश्वासन के बावजूद अभ्यर्थियों का आक्रोश पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। छात्र नेता दिलीप कुमार ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 21 मार्च तक शिक्षा विभाग की ओर से अधियाचना आयोग को नहीं भेजी जाती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक TRE-4 का विज्ञापन जारी नहीं होता, तब तक अभ्यर्थी अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने बताया कि वे पिछले दो वर्षों से इस वैकेंसी का इंतजार कर रहे हैं। बार-बार सरकार और विभाग की ओर से आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी उम्र सीमा भी धीरे-धीरे समाप्त हो रही है, जिससे उनका भविष्य अधर में लटक गया है।
छात्र नेता दिलीप कुमार ने सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया लगभग पूरी होने के बावजूद कुछ अधिकारियों की लापरवाही के कारण इसमें देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि यह सीधे तौर पर मुख्यमंत्री के निर्देशों की अनदेखी है और इससे लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब सभी की निगाहें 20 मार्च को होने वाली बैठक पर टिकी हैं। यदि उस बैठक में संशोधित अधियाचना को अंतिम रूप मिल जाता है, तो मार्च के अंत तक TRE-4 का विज्ञापन जारी होने की उम्मीद है। वहीं, अगर फिर देरी होती है तो पटना समेत पूरे बिहार में आंदोलन और उग्र होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।