पटना : बिहार में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। आंदोलन कर रहे छात्रों और बिहार सरकार के बीच प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद बीपीएससी टीआरई-4 भर्ती प्रक्रिया में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। सबसे अहम बात यह है कि अब टीआरई-4 में एकल परीक्षा कराने पर सहमति बन गई है और अभ्यर्थियों की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद निगेटिव मार्किंग हटाने का भी फैसला लिया गया है।

इसके साथ ही टीआरई-4 में शिक्षकों के पदों की संख्या एक बार फिर बढ़ा दी गई है। संगीत विषय में 111 अतिरिक्त पद जोड़े जाने के बाद अब इस भर्ती के जरिए कुल 33,385 शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। सरकार के फैसले के बाद शिक्षा विभाग की ओर से बीपीएससी को आवश्यक पत्र भेजा जाएगा, जिसके आधार पर भर्ती विज्ञापन में जरूरी संशोधन किए जाएंगे।

सूत्रों के अनुसार संशोधित विज्ञापन सोमवार से मंगलवार के बीच जारी हो सकता है। पहले जारी कार्यक्रम के अनुसार टीआरई-4 के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होनी थी और आवेदन की अंतिम तिथि 29 सितंबर निर्धारित की गई थी। हालांकि नए फैसलों के कारण आवेदन कार्यक्रम में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

आंदोलन के बाद बदला फैसला, छात्रों को मिली बड़ी राहत

टीआरई-4 को लेकर पिछले कई दिनों से अभ्यर्थी सरकार के सामने अपनी मांगें रख रहे थे। परीक्षा प्रणाली, निगेटिव मार्किंग, पाठ्यक्रम और अन्य मुद्दों को लेकर छात्रों में नाराजगी थी। आंदोलन के बाद सरकार और अभ्यर्थियों के बीच कई प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनी है।

अब सरकार ने एकल परीक्षा आयोजित करने पर सहमति दे दी है। साथ ही निगेटिव मार्किंग हटाने का फैसला भी अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। छात्रों का कहना था कि निगेटिव मार्किंग के कारण परीक्षा में अनावश्यक दबाव बढ़ सकता है और एकल परीक्षा व्यवस्था से भर्ती प्रक्रिया अधिक स्पष्ट और सुविधाजनक हो सकती है। इसके अलावा पाठ्यक्रम में बदलाव को लेकर भी आवश्यक संशोधन किए जाने की बात सामने आई है। इन फैसलों के बाद अब अभ्यर्थियों की नजर बीपीएससी के संशोधित विज्ञापन पर टिकी हुई है।

111 पद बढ़े, अब 33,385 शिक्षकों की होगी नियुक्ति

टीआरई-4 की वैकेंसी लगातार बढ़ रही है। शिक्षा मंत्री के अनुसार संगीत विषय में 111 अतिरिक्त पद जोड़े गए हैं। ये पद कक्षा 9वीं और 10वीं के लिए संगीत शिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित होंगे। नई बढ़ोतरी के बाद टीआरई-4 के कुल पदों की संख्या 33,385 हो गई है। खास बात यह है कि प्रारंभिक वैकेंसी जारी होने के बाद दूसरी बार पदों की संख्या बढ़ाई गई है।

बीपीएससी ने 18 अगस्त को टीआरई-4 की शुरुआती वैकेंसी जारी की थी। उस समय कुल 32,388 पदों पर भर्ती की घोषणा की गई थी। इसके बाद 24 अगस्त को विभिन्न विषयों में 886 अतिरिक्त पद शामिल किए गए। इन पदों में बांग्ला, ललित कला, नृत्य, मैथिली, अरबी, फारसी, विशेष विद्यालय, पाली, प्राकृत, भोजपुरी, मगही और कृषि जैसे विषयों की रिक्तियां शामिल थीं।

886 पद बढ़ने के बाद कुल वैकेंसी बढ़कर 33,274 हो गई थी। अब संगीत विषय के 111 पद जुड़ने के बाद यह संख्या 33,385 तक पहुंच गई है। यानी शुरुआती घोषणा की तुलना में अब तक कुल 997 पदों की बढ़ोतरी हो चुकी है।

बीएड छात्रों की मांग पर भी सरकार की नजर

टीआरई-4 को लेकर बीएड समेत शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों ने भी अपनी मांग सरकार के सामने रखी है। बीएड के छात्रों ने शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर वर्ष 2024-26 सत्र के अभ्यर्थियों को भी परीक्षा में शामिल होने का अवसर देने की मांग की है।

छात्रों का कहना है कि शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरा कर रहे अभ्यर्थियों को आवेदन का मौका मिलना चाहिए। अगर सरकार इस मांग को स्वीकार करती है तो टीआरई-4 के आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाई जा सकती है। ऐसा होने पर नए पात्र अभ्यर्थियों को आवेदन करने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा।

यही वजह है कि संशोधित विज्ञापन के साथ आवेदन की तारीखों में बदलाव की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। हालांकि अंतिम फैसला बीपीएससी की संशोधित अधिसूचना जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

बीएसएससी का परीक्षा कैलेंडर भी जल्द आने की उम्मीद

इस बीच बिहार के प्रतियोगी छात्रों के लिए एक और बड़ी खबर सामने आ सकती है। बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) का परीक्षा कैलेंडर भी जल्द जारी होने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि एक सप्ताह के भीतर विभिन्न लंबित परीक्षाओं को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

राज्य में बीपीएससी, बीएसएससी और अन्य भर्ती परीक्षाओं के लंबे समय से लंबित रहने के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रभावित हैं। अनुमान है कि करीब 50 लाख छात्र और अभ्यर्थी अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन का इंतजार कर रहे हैं।

लंबे समय से परीक्षा नहीं होने के कारण कई युवाओं की उम्र सीमा बढ़ने की चिंता है, जबकि तैयारी पर आर्थिक और मानसिक दबाव भी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में टीआरई-4 को लेकर सरकार के नए फैसले और बीएसएससी परीक्षा कैलेंडर की संभावित घोषणा को अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।

अब सभी की निगाहें बीपीएससी के संशोधित टीआरई-4 विज्ञापन पर टिकी हैं। यह विज्ञापन जारी होने के बाद आवेदन की तारीख, परीक्षा पैटर्न, निगेटिव मार्किंग और अन्य महत्वपूर्ण नियमों की तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।