BPSC TRE 4.0 : बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने चौथे चरण की शिक्षक भर्ती (TRE 4.0) को लेकर लंबे इंतजार के बाद आखिरकार आधिकारिक स्थिति स्पष्ट कर दी है। आयोग के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार के अनुसार इस भर्ती चरण की अधिसूचना 19 या 20 अप्रैल को जारी की जाएगी। इस घोषणा के साथ ही अभ्यर्थियों के बीच पिछले कई महीनों से बनी असमंजस की स्थिति समाप्त हो गई है। इस चरण में राज्य भर में कुल 46,882 शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।
बीपीएससी ने संकेत दिया है कि इस बार भर्ती प्रक्रिया को पहले से अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और तकनीकी रूप से मजबूत बनाया गया है। अभ्यर्थियों को आवेदन से पहले ऑनलाइन शुल्क जमा करना होगा, जिसके बाद ही आवेदन लिंक सक्रिय किया जाएगा। आयोग का कहना है कि पहले के चरणों में फीस और आवेदन अपडेट को लेकर जो तकनीकी दिक्कतें सामने आई थीं, उन्हें इस बार पूरी तरह दूर कर दिया गया है।
आवेदन प्रक्रिया 25 या 26 अप्रैल से शुरू होने की संभावना है। सभी अभ्यर्थियों को ऑनलाइन माध्यम से ही आवेदन करना होगा। आयोग ने बताया है कि इसके लिए पोर्टल को अंतिम रूप दिया जा रहा है ताकि किसी भी उम्मीदवार को तकनीकी समस्या का सामना न करना पड़े। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के आवेदन करने की संभावना को देखते हुए सिस्टम को मजबूत सर्वर पर शिफ्ट किया जा रहा है।
इस भर्ती प्रक्रिया में शिक्षा विभाग के अलावा अन्य विभागों की रिक्तियां भी शामिल हैं। कुल 46,882 पदों में शिक्षा विभाग के विभिन्न स्तरों के शिक्षक पदों के साथ-साथ अल्पसंख्यक कल्याण विभाग तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग की रिक्तियां भी सम्मिलित हैं। इसमें कुछ जिलों में प्रधानाध्यापक पद भी शामिल किए गए हैं, जिससे इस भर्ती का दायरा और व्यापक हो गया है।
विभागवार रिक्तियों की बात करें तो शिक्षा विभाग में प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक बड़ी संख्या में पद खाली हैं। कक्षा 1 से 5 तक 10,778 पद, कक्षा 6 से 8 तक 8,583 पद, माध्यमिक (कक्षा 9-10) में 9,082 पद तथा उच्च माध्यमिक (कक्षा 11-12) में 16,774 पद शामिल हैं। इसके अलावा एससी-एसटी कल्याण विभाग में प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर पर भी शिक्षक पदों के साथ-साथ कुछ प्रधानाध्यापक पदों की रिक्तियां शामिल की गई हैं।
इसी तरह अल्पसंख्यक विभाग के अंतर्गत भी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर पर शिक्षक पदों की घोषणा की गई है। इस चरण में इन विद्यालयों के लिए भी नियुक्ति प्रक्रिया की जाएगी ताकि राज्य के दूरस्थ और विशेष वर्ग के स्कूलों में शिक्षकों की कमी को पूरा किया जा सके।
बीपीएससी ने इस बार एक बड़ा बदलाव करते हुए अभ्यर्थियों से आवेदन के समय ही 38 जिलों का विकल्प भरने को अनिवार्य कर दिया है। आयोग का कहना है कि यदि कोई अभ्यर्थी निर्धारित संख्या में जिले नहीं चुनता है तो उसका चयन आगे की प्रक्रिया में नहीं किया जाएगा। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी उम्मीदवार ने केवल 30 जिलों का विकल्प भरा है और मेरिट के अनुसार उसे 32वें चयनित जिले में पद मिलता है, तो उसका चयन मान्य नहीं होगा। यह व्यवस्था लगभग कंबाइंड प्रतियोगिता परीक्षा प्रणाली की तरह लागू की जा रही है।
आयोग का मानना है कि इस बदलाव से नियुक्ति प्रक्रिया अधिक स्पष्ट और निष्पक्ष होगी। इससे बाद में जिला आवंटन को लेकर होने वाले विवादों में भी कमी आएगी।
इसके अलावा बीपीएससी ने आवेदन प्रक्रिया में फीस भुगतान को लेकर भी महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब पहले आवेदन शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा, उसके बाद ही फॉर्म भरने का लिंक खुलेगा। आयोग के अनुसार पहले के सिस्टम में कई बार फीस भुगतान के बाद भी अपडेट सर्वर पर सही तरीके से नहीं दिखता था, जिससे अभ्यर्थियों और प्रशासन दोनों को परेशानी होती थी। नए सिस्टम में यह तकनीकी समस्या पूरी तरह समाप्त करने का प्रयास किया गया है।
परीक्षा नियंत्रक ने यह भी स्पष्ट किया है कि चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा अपने निर्धारित समय पर ही आयोजित होगी। इसमें किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा। संभावित रूप से लिखित परीक्षा 22 से 27 सितंबर के बीच आयोजित की जा सकती है। आयोग विज्ञापन जारी करते समय विस्तृत दिशा-निर्देश भी प्रकाशित करेगा।
सरकार और आयोग दोनों इस पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं। पिछले चरणों में आई चुनौतियों और तकनीकी खामियों को देखते हुए इस बार अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है। परीक्षा केंद्रों की तैयारी, प्रश्नपत्र की सुरक्षा व्यवस्था और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर भी विशेष रणनीति तैयार की जा रही है।
लंबे समय से चौथे चरण की शिक्षक बहाली की मांग को लेकर अभ्यर्थी लगातार आंदोलन कर रहे थे। पटना में धरना-प्रदर्शन भी हुए थे, जिनमें बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने तत्काल वैकेंसी जारी करने की मांग की थी। अब आधिकारिक घोषणा के बाद उम्मीद की जा रही है कि आवेदन प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी और बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इसमें भाग लेंगे।