Bihar News: बिहार में जहां सरकारी नौकरी के लिए लाखों युवा आवेदन करते हैं, वहीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की एक भर्ती प्रक्रिया ने सभी को चौंका दिया है। राज्य के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रोफेसर पदों की नियुक्ति के लिए निकली भर्ती में आयोग को रिक्त पदों के अनुसार पर्याप्त अभ्यर्थी नहीं मिल सके। अब बीपीएससी ने आवेदन प्रक्रिया दोबारा शुरू करने का फैसला लिया है।


विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में भौतिकी (Physics) और रसायन विज्ञान (Chemistry) विषय के प्रोफेसर पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे गए थे। इस भर्ती के तहत कुल 13 पदों को भरा जाना था, लेकिन इन पदों के लिए पर्याप्त संख्या में आवेदन प्राप्त नहीं हुए।


13 पदों के लिए नहीं मिले योग्य उम्मीदवार

बीपीएससी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, प्रोफेसर पद जैसे उच्च शैक्षणिक पदों के लिए योग्य उम्मीदवारों की कमी सामने आई है। सामान्य तौर पर बिहार में सरकारी नौकरी की किसी भी भर्ती में बड़ी संख्या में आवेदन आते हैं, लेकिन इस मामले में स्थिति अलग रही।


आयोग को उम्मीद के मुताबिक आवेदन नहीं मिलने के कारण चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में परेशानी आ रही थी। इसके बाद बीपीएससी ने अभ्यर्थियों को एक और मौका देने का निर्णय लिया है।


18 जून से फिर शुरू होगा आवेदन

बीपीएससी ने स्पष्ट किया है कि इच्छुक और योग्य उम्मीदवार दोबारा आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 18 जून 2026 से शुरू होगी और उम्मीदवार 30 जून 2026 तक ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकेंगे।


आयोग ने कहा है कि अभ्यर्थियों के सभी जरूरी प्रमाण पत्र निर्धारित अंतिम तिथि यानी 30 जून 2026 तक जारी होने चाहिए। इसके बाद जारी किए गए प्रमाण पत्रों को आवेदन प्रक्रिया में स्वीकार नहीं किया जाएगा।


उम्मीदवारों के लिए जारी किए गए निर्देश

बीपीएससी ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि आवेदन करने से पहले भर्ती से जुड़ी पात्रता, शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और अन्य आवश्यक शर्तों को ध्यान से पढ़ लें। भर्ती से संबंधित विस्तृत जानकारी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है।


प्रोफेसर पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे सभी निर्धारित मानकों को पूरा करते हैं। गलत जानकारी देने या अधूरे दस्तावेज जमा करने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है।


शिक्षा जगत में चर्चा का विषय बनी भर्ती

बिहार में सरकारी नौकरियों को लेकर युवाओं में काफी उत्साह रहता है। शिक्षक, इंजीनियरिंग, प्रशासनिक और अन्य सरकारी पदों के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आते हैं। ऐसे में प्रोफेसर जैसे पदों के लिए पर्याप्त उम्मीदवार नहीं मिलना शिक्षा जगत में चर्चा का विषय बन गया है।


विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च शिक्षा क्षेत्र में योग्य शिक्षकों की कमी एक बड़ी चुनौती हो सकती है। प्रोफेसर पदों के लिए विशेष योग्यता, शोध अनुभव और अन्य मानकों के कारण उम्मीदवारों की संख्या सीमित हो सकती है।


अब देखना होगा कि आवेदन की दोबारा प्रक्रिया शुरू होने के बाद बीपीएससी को इन 13 पदों के लिए कितने योग्य उम्मीदवार मिलते हैं। आयोग को उम्मीद है कि नए अवसर के बाद अधिक अभ्यर्थी आवेदन करेंगे और भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकेगा।