Bihar News : बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और सेटिंग के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। BPSC की सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप में मुंबई स्थित भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) से गिरफ्तार तकनीकी सहायक रौशन कुमार से पूछताछ के दौरान कई परीक्षाओं में कथित तौर पर सेटिंग कराने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी के मुताबिक, रौशन का नेटवर्क बिहार के अलावा दूसरे राज्यों तक फैला हुआ था।


नालंदा के नूरसराय निवासी रौशन कुमार पर आरोप है कि वह कई वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को अनुचित तरीके से पास कराने के लिए गिरोह के साथ काम कर रहा था। EOU के अनुसार, पूछताछ में उसका नाम NEET-UG 2023 समेत कई परीक्षाओं में सामने आया है। इनमें केंद्रीय चयन पर्षद की रेडियो ऑपरेटर परीक्षा, मद्य निषेध परीक्षा, बिहार तकनीकी सेवा आयोग की अमीन बहाली परीक्षा और झारखंड CGL परीक्षा भी शामिल हैं।


AEDO परीक्षा में बायोमेट्रिक से लेकर ब्लूटूथ तक सेटिंग का आरोप

जांच के मुताबिक, रौशन खुद भी AEDO परीक्षा का परीक्षार्थी था। उसका परीक्षा केंद्र मोतिहारी में था। आरोप है कि उसने अपने परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक व्यवस्था में तैनात कर्मियों के माध्यम से कथित तौर पर सेटिंग करने का प्रयास किया। इसके अलावा वह अपने साथियों के साथ भागलपुर भी गया था, जहां परीक्षा केंद्र के भीतर ब्लूटूथ के जरिए अभ्यर्थियों तक उत्तर पहुंचाने की कोशिश किए जाने की बात जांच में सामने आई है।


EOU के अनुसार, रौशन के सहयोगी आकाश कुमार ने भी AEDO परीक्षा में कई अभ्यर्थियों की सेटिंग कराने का दावा किया था। जांच एजेंसी को अमीन बहाली परीक्षा से जुड़े मामले में भी दोनों की भूमिका के संकेत मिले हैं।


बकाया पैसे के लिए अभ्यर्थियों के अपहरण की साजिश

जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि परीक्षा में पास कराने के बदले लिए जाने वाले पैसे को लेकर विवाद के बाद रौशन और उसके सहयोगियों ने दो अभ्यर्थियों के अपहरण की योजना बनाई थी। EOU के अनुसार, अमीन परीक्षा में दो अभ्यर्थियों को कथित रूप से पास कराने के बदले प्रत्येक से 3.5 लाख रुपये बकाया थे। रकम नहीं मिलने पर दबाव बनाने के लिए अपहरण की साजिश रचे जाने का आरोप है।


इस मामले में रौशन के अलावा नालंदा के सोहसराय निवासी 25 वर्षीय आकाश कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।


NEET में स्कॉलर बैठाने का भी आरोप

EOU की पूछताछ में रौशन पर NEET-UG 2023 में भी कथित तौर पर फर्जी तरीके से अभ्यर्थी को पास कराने का आरोप सामने आया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, उसके सहयोगी आकाश के साथ मिलकर एक परीक्षार्थी की जगह कथित तौर पर स्कॉलर बैठाया गया था। संबंधित अभ्यर्थी की पहचान की प्रक्रिया जांच का हिस्सा है।


जांच टीम को कुछ ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों में भी कथित सेटिंग से जुड़े साक्ष्य मिलने की बात कही गई है। इससे यह आशंका बढ़ी है कि गिरोह परीक्षा में अलग-अलग तकनीकों और संपर्कों के जरिए अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने की कोशिश करता था।


25 लाख रुपये में अभ्यर्थी को पास कराने का आरोप

सबसे अहम खुलासा AEDO परीक्षा से जुड़ा है। EOU के अनुसार, रौशन और उसके साथियों ने श्वेता कुमारी नाम की एक अभ्यर्थी को परीक्षा में पास कराने के लिए कथित तौर पर 25 लाख रुपये में सौदा तय किया था। आरोप है कि फर्जी बायोमेट्रिक पहचान के जरिए गिरोह के दो सदस्यों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिलाया गया।


जांच एजेंसी के मुताबिक, इन लोगों ने कथित तौर पर होलोग्राम पर्ची में छिपाई गई उत्तर-कुंजी परीक्षा कक्ष तक पहुंचाई। मामले में परीक्षा केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था और बायोमेट्रिक प्रक्रिया की भी जांच की जा रही है।


रौशन की BARC में नियुक्ति दिसंबर 2024 में हुई थी और वह फिलहाल प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा था। अब जांच एजेंसी उसके संपर्कों, वित्तीय लेन-देन और दूसरे परीक्षा मामलों में कथित भूमिका की पड़ताल कर रही है। यह जांच आगे बढ़ने पर परीक्षा माफिया के नेटवर्क से जुड़े और लोगों के नाम सामने आने की संभावना है।