भारतीय जनता पार्टी के तरफ से संगठन में बड़े पैमाने पर फेर बदल की गई है। इसको लेकर जो लिस्ट जारी की गई है। उसमें बिहार के छह नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। इसमें बिहार सरकार के पूर्व मंत्री समेत विधान परिषद के सदस्य समेत एक विधान परिषद के  पूर्व सदस्य को भी जिम्मेदारी दी गई है। इसको लेकर जो लिस्ट सामने आई है। उसमें देवेश कुमार, मंगल पांडे समेत कई नेताओं का नाम शामिल है। 

 इसके अलावा बिहार से जुड़े चार अन्य नेताओं को भी अलग-अलग राज्यों में सह प्रभारी और प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सूची के अनुसार सिद्धार्थ संभू को छत्तीसगढ़ का सह प्रभारी बनाया गया है। वहीं निवेदिता सिंह को झारखंड का सह प्रभारी नियुक्त किया गया है।

इसी तरह राजेंद्र सिंह को पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी दी गई है। उनके साथ पिंकी कुशवाहा को भी बंगाल में संगठनात्मक दायित्व सौंपा गया है। यानी बिहार के इन छह नेताओं को अब राज्य से बाहर पार्टी संगठन को मजबूत करने की भूमिका में देखा जाएगा।

भाजपा में अलग-अलग राज्यों के प्रभारी और सह प्रभारी की भूमिका संगठनात्मक रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है। इन नेताओं को संबंधित राज्यों में पार्टी संगठन, प्रदेश नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय जैसे काम देखने होते हैं। इसके साथ ही पार्टी के कार्यक्रमों और केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशों को संगठन के निचले स्तर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी रहती है।

ऐसे में बिहार के छह नेताओं को अलग-अलग राज्यों में जिम्मेदारी दिए जाने को पार्टी के संगठनात्मक विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी की आगामी रणनीति क्या होगी, यह संबंधित राज्यों में संगठनात्मक गतिविधियों के दौरान ही स्पष्ट होगा।

किस नेता को कहां की जिम्मेदारी?

भाजपा की ओर से जारी सूची के अनुसार बिहार के नेताओं की जिम्मेदारी इस प्रकार है—

बता दें कि भाजपा की ओर से अलग-अलग राज्यों में संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर लगातार बैठकें और पुनर्गठन की प्रक्रिया चल रही है। हाल के दिनों में अरुणाचल प्रदेश में भी भाजपा की विस्तारित प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक हुई, जिसमें संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय पर चर्चा हुई।

झारखंड भाजपा में भी हाल के दिनों में संगठनात्मक स्तर पर कई बदलाव किए गए हैं और प्रदेश टीम तथा विभिन्न मोर्चों की संरचना को लेकर नियुक्तियां हुई हैं। अब बिहार के छह नेताओं को दूसरे राज्यों में मिली यह नई जिम्मेदारी भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में बिहार के नेताओं की भूमिका को लेकर भी चर्चा का विषय बन गई है। इन नेताओं के सामने संबंधित राज्यों में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।