मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साहेबगंज विधायक राजू कुमार सिंह को दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत मिलने की खुशी में मनाया गया जश्न विवाद में बदल गया। विधायक समर्थकों के जश्न के दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच तीखी झड़प हो गई। इस दौरान पुलिस टीम पर हमले, महिला पुलिसकर्मी से छेड़खानी, मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। पुलिस ने इस मामले में 6 नामजद और 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। वहीं, दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
देर रात जश्न के दौरान हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, राजेपुर ओपी क्षेत्र के फुलवरिया चौक पर सोमवार देर रात विधायक राजू कुमार सिंह को दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत मिलने की खुशी में उनके समर्थक जश्न मना रहे थे। मौके पर तेज आवाज में डीजे बजाया जा रहा था और समर्थकों की बड़ी संख्या मौजूद थी।
इसी दौरान गश्ती पुलिस मौके पर पहुंची और देर रात शोर-शराबा बंद करने तथा शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। पुलिस की इस कार्रवाई का कुछ लोगों ने विरोध किया और देखते ही देखते मामला विवाद में बदल गया। आरोप है कि समर्थक पुलिस से भिड़ गए और स्थिति हिंसक हो गई।
महिला पुलिसकर्मी से छेड़खानी और पुलिस पर हमले का आरोप
साहेबगंज एसडीपीओ अभिजीत कौर के अनुसार, उपद्रवियों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। आरोप है कि पुलिस पर बम भी फेंका गया। एक महिला पुलिसकर्मी के साथ मारपीट और छेड़खानी की गई। इतना ही नहीं, एक पुलिसकर्मी की गर्दन में गमछा बांधकर उसे घसीटने और उसका हथियार छीनने की भी कोशिश की गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने अतिरिक्त बल बुलाकर स्थिति को नियंत्रित किया।
6 नामजद और 10 अज्ञात पर दर्ज हुई FIR
इस मामले में महिला सब-इंस्पेक्टर आरती कुमारी के बयान पर राजेपुर ओपी में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने 6 नामजद और 10 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है। मुख्य आरोपी के रूप में मोतीपुर प्रखंड प्रमुख मालती कुमारी के देवर राजेश कुमार सिंह का नाम शामिल किया गया है। उन पर पुलिस पर हमले का नेतृत्व करने का आरोप है। इसके अलावा प्राथमिकी में विवेक सिंह, वीरेंद्र सिंह, सोनू सिंह, राजकिशोर पंडित और विनोद कुमार को भी नामजद किया गया है।
दो आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी की तलाश जारी
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फुलवरिया गांव में छापेमारी कर सोनू कुमार और राजकिशोर पंडित को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। वहीं, मुख्य आरोपी राजेश कुमार सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने देर रात उसके संभावित ठिकानों और मोतीपुर प्रखंड प्रमुख के आवास पर भी छापेमारी की। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले वह फरार हो गया। उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटना की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने मौके से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। इसके अलावा पुलिस फुलवरिया चौक पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि हमले में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके। इलाके में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
राजू कुमार सिंह को क्यों मिली जमानत?
गौरतलब है कि साहेबगंज विधायक राजू कुमार सिंह को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने वर्ष 2018 के एक मामले में गैर-इरादतन हत्या का दोषी ठहराते हुए चार वर्ष की सजा सुनाई थी। यह मामला 31 दिसंबर 2018 को दिल्ली के फतेहपुर बेरी स्थित एक फार्महाउस में नए साल के जश्न के दौरान हुई हर्ष फायरिंग से जुड़ा था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। निचली अदालत के फैसले के खिलाफ विधायक ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने अपील पर सुनवाई के दौरान उनकी सजा पर फिलहाल रोक लगाते हुए उन्हें जमानत दे दी। इसी जमानत के बाद समर्थकों ने मुजफ्फरपुर में जश्न मनाया, जो बाद में हिंसक विवाद में बदल गया। अब पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज और एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।