Gen Z Outreach Program: भारतीय जनता पार्टी (BJP) अब देश की नई पीढ़ी और खासकर Gen Z के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की बड़ी तैयारी में जुट गई है। तेजी से बदलती राजनीति, सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और पहली बार वोट डालने वाले युवाओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए भाजपा ने Gen Z को केंद्र में रखकर एक विशेष आउटरीच प्रोग्राम शुरू करने की रणनीति बनाई है। इसके लिए पार्टी ने एक उच्चस्तरीय केंद्रीय टीम का गठन किया है, जिसमें अनुभवी संगठनात्मक नेताओं के साथ युवा चेहरों को भी शामिल किया गया है।

भाजपा का यह नया अभियान सिर्फ युवाओं तक संदेश पहुंचाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि Gen Z की सोच, उनकी आकांक्षाओं, रोजगार से जुड़ी उम्मीदों, तकनीक, स्टार्ट-अप, शिक्षा और भविष्य की चिंताओं को समझने पर भी फोकस करेगा। पार्टी चाहती है कि Gen Z सीधे राजनीतिक नेतृत्व के साथ संवाद करे और उसकी आवाज पार्टी के एजेंडे तक पहुंचे।

Gen Z से सीधे संवाद के लिए बनी बड़ी टीम

भाजपा के Gen Z आउटरीच अभियान के लिए बनाई गई केंद्रीय टीम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के अलावा राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी और विनोद तावड़े शामिल हैं। वहीं, गुजरात सरकार के मंत्री हर्ष सांघवी और छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री ओपी चौधरी को भी इस टीम में जगह दी गई है।

इस टीम के गठन से साफ है कि भाजपा Gen Z को केवल चुनावी नजरिए से नहीं, बल्कि लंबे समय तक पार्टी से जोड़ने की रणनीति के तहत देख रही है। संगठनात्मक अनुभव और युवा नेतृत्व के मिश्रण के जरिए भाजपा देशभर में Gen Z तक पहुंच बनाने की योजना पर काम कर रही है।

पहली बार वोट डालने वालों पर भी BJP की नजर

Gen Z अभियान का एक बड़ा लक्ष्य उन युवाओं से संपर्क बनाना है, जो आने वाले चुनावों में पहली बार मतदान करेंगे। देश में युवा मतदाताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और राजनीतिक दलों के लिए यह वर्ग बेहद अहम बन चुका है।भाजपा का मानना है कि नई पीढ़ी पारंपरिक राजनीतिक मुद्दों के साथ-साथ रोजगार, करियर, डिजिटल अवसर, स्टार्ट-अप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नई तकनीक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जैसे विषयों पर ज्यादा फोकस करती है। ऐसे में पार्टी Gen Z के मुद्दों को समझकर उनके साथ सीधा संवाद स्थापित करने की तैयारी कर रही है।

रोजगार, टेक्नोलॉजी और स्टार्ट-अप पर रहेगा Gen Z फोकस

सूत्रों के मुताबिक, Gen Z आउटरीच प्रोग्राम के तहत विभिन्न गतिविधियों, संवाद कार्यक्रमों और परिचर्चाओं का आयोजन किया जा सकता है। इन कार्यक्रमों में युवा मतदाताओं को सीधे पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी बात रखने का मौका मिलेगा। रोजगार और नौकरी के अवसरों के अलावा तकनीक और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम भी Gen Z अभियान का बड़ा हिस्सा हो सकते हैं। भाजपा युवा उद्यमियों, छात्रों, प्रोफेशनल्स और डिजिटल दुनिया से जुड़े युवाओं तक पहुंचने की रणनीति बना रही है। पार्टी की कोशिश है कि नई पीढ़ी की प्राथमिकताओं और सुझावों को समझकर उन्हें अपने राजनीतिक और संगठनात्मक एजेंडे में शामिल किया जाए।

नई राष्ट्रीय टीम के बाद Gen Z अभियान पर जोर

भाजपा की नई केंद्रीय कार्यकारिणी टीम की घोषणा के बाद हुई शुरुआती बैठकों में Gen Z आउटरीच को लेकर चर्चा सामने आई है। नई राष्ट्रीय टीम में विनोद तावड़े और सुनील बंसल को राष्ट्रीय महासचिव के पद पर बरकरार रखा गया है। वहीं, स्मृति ईरानी, बिप्लव कुमार देव और सतीश पूनिया जैसे नेताओं को राष्ट्रीय महासचिव के रूप में शामिल किया गया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को पार्टी का नया राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। नई टीम के गठन के बाद भाजपा अब संगठन के विस्तार के साथ-साथ Gen Z तक अपनी पहुंच बढ़ाने पर विशेष जोर देती दिख रही है।

Gen Z तक पहुंचने के लिए संगठन में भी बदलाव

युवाओं और Gen Z को फोकस करने की रणनीति के बीच भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में भी कुछ अहम बदलाव किए गए हैं। पार्टी ने अपने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय को पद से हटाकर छत्तीसगढ़ के दीपक म्हास्के को नई जिम्मेदारी दी है।

वहीं, गुजरात के हेमांग जोशी को भाजपा युवा मोर्चा का नया अध्यक्ष बनाया गया है। उन्होंने लोकसभा सांसद तेजस्वी सूर्या की जगह ली है। इन बदलावों को भी पार्टी की युवा और डिजिटल पहुंच को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

Gen Z के लिए जल्द आएगा पूरा रोडमैप

सूत्रों का कहना है कि भाजपा जल्द ही अपने Gen Z आउटरीच प्रोग्राम की विस्तृत कार्ययोजना का ऐलान कर सकती है। इसमें कार्यक्रमों की तारीख, राज्यवार गतिविधियां और युवाओं से संवाद का प्रारूप तय किया जाएगा। बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों, बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने पर भी चर्चा हुई। लेकिन पूरी रणनीति में सबसे खास बात Gen Z पर बढ़ता फोकस है।आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा का Gen Z अभियान युवाओं को पार्टी से जोड़ने में कितना असरदार साबित होता है और नई पीढ़ी के मुद्दे पार्टी की राजनीति और चुनावी रणनीति में किस तरह जगह बनाते हैं।