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03-Mar-2026 07:19 AM
By FIRST BIHAR
Bihar Weather Update: बिहार में इस बार ‘वसंत’ का अहसास होने से पहले ही ‘ज्येष्ठ’ जैसी तपिश महसूस की जा रही है। इंडिया मेट्रोलॉजिकल विभाग यानी IMD के ताजा पूर्वानुमान ने प्रदेशवासियों की चिंता बढ़ा दी है। संकेत हैं कि होली के तुरंत बाद राज्य का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार इस बार केवल तापमान बढ़ेगा ही नहीं, बल्कि लंबे समय तक ऊंचा बना रह सकता है। दिन और रात दोनों के तापमान में बढ़ोतरी से लोगों को चौबीसों घंटे गर्मी का एहसास होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि अप्रैल और मई में इसका असर सबसे ज्यादा दिखेगा और गर्मी जल्दी शुरू होकर देर तक टिक सकती है।
पूर्वी और पूर्व-मध्य भारत में सामान्य से अधिक हीट वेव दिनों की संभावना जताई गई है। बिहार भी इसी क्षेत्र में शामिल है, इसलिए कई जिलों में लू जैसे हालात बन सकते हैं। शहरी इलाकों में कंक्रीट की इमारतें और सड़कें दिनभर गर्मी सोखकर रात में छोड़ती हैं, जिससे राहत नहीं मिलती। इस स्थिति को ‘हीट आइलैंड प्रभाव’ कहा जाता है।
फरवरी महीने में राज्य में लगभग नगण्य वर्षा दर्ज की गई। पिछले वर्ष जहां 22 जिलों में अच्छी बारिश हुई थी, वहीं इस बार पहाड़ों पर बर्फबारी के बावजूद बिहार के मैदानी इलाकों में नमी की कमी बनी रही। इसी कारण अनुमान है कि मार्च के मध्य तक तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार 6 मार्च तक मौसम अपेक्षाकृत संतुलित रहेगा, लेकिन 7 मार्च के बाद तापमान में और बढ़ोतरी होगी। अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। मार्च के शुरुआती हफ्तों में हीट वेव की संभावना फिलहाल कम बताई गई है, जबकि बारिश के आसार बेहद कम हैं। न्यूनतम तापमान 16 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। 28 फरवरी को डेहरी में 33.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो महीने का सर्वाधिक था।
बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सतर्क रहने की सलाह दी है। प्यास न लगने पर भी पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है। दोपहर 12 से 3 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचने को कहा गया है। बाहर निकलना जरूरी हो तो छाता या गमछा साथ रखें। खानपान में दही, छाछ और मौसमी फलों को शामिल करने से डिहाइड्रेशन से बचाव हो सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि इस बार गर्मी सिर्फ ज्यादा ही नहीं, बल्कि लंबे समय तक प्रभावी रह सकती है।