Bihar Weather Today: बंगाल की खाड़ी से आ रही नमीयुक्त हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से बिहार के मौसम में लगातार बदलाव देखा जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, 8 मई तक राज्य के मौसम में कोई बड़ा परिवर्तन होने के आसार नहीं हैं।
इस दौरान पटना सहित कई जिलों में आंशिक बादल छाए रहने के साथ आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की गई है। सोमवार को भी राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में हल्के बादलों के साथ कुछ स्थानों पर छिटपुट वर्षा की संभावना है। राज्य के उत्तरी हिस्से के 18 जिलों में आंधी, मेघ गर्जन और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के आसार हैं।
रविवार को पटना और आसपास के इलाकों में सुबह के समय काले बादल और ठंडी हवाओं के कारण मौसम सामान्य बना रहा। मोतिहारी, बेतिया, बेगूसराय, सीवान, गोपालगंज, सहरसा और छपरा सहित कई जिलों में आंधी-पानी और बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली। विभिन्न स्थानों पर वर्षा दर्ज की गई—मोतिहारी में 7.0 मिमी, पूसा (समस्तीपुर) में 6.0 मिमी, जीरादेई (सीवान) में 7.5 मिमी, वैशाली में 4.0 मिमी और मुंगेर में 1.0 मिमी बारिश हुई।
इसके अलावा, पश्चिम चंपारण के योगपट्टी में 8.4 मिमी, औरंगाबाद के ओबरा में 1.2 मिमी, फारबिसगंज और इमामगंज (गया) में 1.0-1.0 मिमी तथा भभुआ के चैनपुर में 0.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई। मौसम में बदलाव के साथ पटना सहित अधिकांश जिलों के अधिकतम तापमान में गिरावट आई है। रविवार को पटना का अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि भभुआ में 36.6 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया।
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई। हालांकि, मधुबनी, शेखपुरा, सबौर, सुपौल और पूर्णिया को छोड़कर अधिकांश जिलों में तापमान में कमी देखी गई। मौसम के इस बदलते मिजाज से लोग असहज महसूस कर रहे हैं। कभी तेज धूप, तो कभी ठंडी हवाओं के कारण हर 24 से 48 घंटे में मौसम बदल रहा है, जिसका सीधा असर तापमान पर पड़ रहा है। पिछले दस दिनों में पटना के अधिकतम तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। कभी बारिश, कभी लू और कभी ठंडी पुरवा हवाओं के चलते राजधानी में मौसम के सभी रंग देखने को मिल रहे हैं।
फिलहाल बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर आने वाली पुरवा हवाएं प्रभावी हैं। लगभग आठ-नौ दिन पहले तक राज्य में पछुआ हवा का असर था, लेकिन हिमालयी क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और आसपास चक्रवाती परिसंचरण बनने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। बीते दस दिनों में पटना के अधिकतम तापमान में करीब 11 डिग्री सेल्सियस की कमी आई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले तीन-चार दिनों तक यही स्थिति बनी रह सकती है, और अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री तक उतार-चढ़ाव संभव है।