Bihar weather: बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। राजधानी पटना समेत राज्य के 31 जिलों में बुधवार, 2 सितंबर को मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज हवा के साथ गरज-चमक, वज्रपात और बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं गयाजी, नवादा और जमुई में भारी बारिश को लेकर विशेष चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में दक्षिण बिहार के लोगों को बुधवार को मौसम को लेकर खास सतर्क रहने की जरूरत है।
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले 24 घंटे बिहार के दक्षिण और पूर्वी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज रह सकती हैं। कई इलाकों में अचानक तेज बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की आशंका है। उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम, उत्तर-मध्य, दक्षिण-मध्य और दक्षिण-पूर्वी बिहार के कुछ हिस्सों में भी मेघगर्जन और वज्रपात के साथ बारिश होने के आसार हैं।
पटना समेत इन 31 जिलों में अलर्ट
बुधवार को पटना, भागलपुर, गयाजी, मुजफ्फरपुर, आरा, छपरा, सीवान, गोपालगंज, मोतिहारी, बेतिया, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, नवादा, अरवल, जहानाबाद, बक्सर, शेखपुरा, नालंदा, मुंगेर, बेगूसराय, लखीसराय, जमुई, बांका, खगड़िया, समस्तीपुर, वैशाली, दरभंगा, सीतामढ़ी, मधुबनी और शिवहर में येलो अलर्ट है।
इन जिलों के कुछ हिस्सों में मौसम अचानक खराब हो सकता है। खासकर खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों को आंधी और वज्रपात के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
गयाजी में सबसे ज्यादा बारिश
मंगलवार को भी बिहार के कई जिलों में अच्छी बारिश हुई। दक्षिण बिहार में मानसूनी गतिविधियां ज्यादा सक्रिय रहीं। गयाजी में सबसे अधिक 55.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। पटना में शाम के समय कुछ देर के लिए तेज बारिश हुई, जिसके बाद कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति देखने को मिली।
इसके अलावा डेहरी में 18 मिलीमीटर, राजगीर में 13 मिलीमीटर, सुपौल में 9.8, पूर्णिया में 9.2, मुंगेर में 7.5, अरवल में 7, मधुबनी में 4.5, जीरादेई में 3, वाल्मीकिनगर में 2.6, छपरा और मुजफ्फरपुर में 2-2 तथा भागलपुर में 1.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
दक्षिण बिहार में झमाझम बारिश के आसार
मौसम विभाग ने खास तौर पर दक्षिण बिहार में भारी बारिश की संभावना जताई है। गयाजी, नवादा और जमुई में बुधवार को भारी बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के कारण पहले से प्रभावित निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या और बढ़ सकती है।
वहीं राज्य के कुछ हिस्सों में नदियों के जलस्तर और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बारिश का असर और महत्वपूर्ण हो जाता है। तेज बारिश होने पर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क और खेतों में जलनिकासी प्रभावित हो सकती है।
झारखंड-ओडिशा के सिस्टम का बिहार पर असर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार ओडिशा और झारखंड के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। इस मौसमी सिस्टम का प्रभाव बिहार के दक्षिणी हिस्सों में देखने को मिल सकता है।
इसके चलते आने वाले समय में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। साथ ही दक्षिण बिहार के तापमान में अगले दो दिनों के दौरान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है।
मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए लोगों को सलाह दी गई है कि गरज-चमक और आंधी के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचें। किसान भी मौसम को ध्यान में रखते हुए खेतों में काम करने के दौरान विशेष सावधानी बरतें।