Bihar weather: बिहार में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और अन्य मौसमी प्रणालियों के असर से राज्य के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। अगले 48 घंटों के दौरान बिहार के कई जिलों में तेज बारिश, आकाशीय बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है।


मौसम विभाग के अनुसार 16 जुलाई को उत्तर-पूर्व बिहार के पूर्णिया जिले में एक या दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा उत्तर-मध्य, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम बिहार के कई इलाकों में मध्यम से तेज बारिश दर्ज होने की संभावना है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी हल्की से मध्यम वर्षा का अनुमान लगाया गया है। कई जिलों में मेघ गर्जन और वज्रपात की चेतावनी भी जारी की गई है।


बंगाल की खाड़ी से मिल रही नमी

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। अगले दो दिनों में इसके और मजबूत होने की संभावना है। वहीं मानसून की अक्षीय रेखा भी बिहार से होकर गुजर रही है, जिससे राज्य में लगातार नमी पहुंच रही है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के आसपास ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है, जो बारिश की गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है।


गर्मी और उमस से मिलेगी राहत

लगातार बारिश के कारण आने वाले दो से तीन दिनों में बिहार के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि अगले पांच दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।


पिछले 24 घंटे में कैसा रहा मौसम

बीते 24 घंटों के दौरान सिवान जिले के महाराजगंज में सबसे अधिक 81.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं पटना में लगभग 46 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। कैमूर जिला 38.7 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जबकि अरवल में न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।


इन बातों का रखें विशेष ध्यान

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। आकाशीय बिजली चमकने या तेज गर्जना होने पर तुरंत किसी पक्के भवन में शरण लें। किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों को भी मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।


बिहार में मानसून के दोबारा सक्रिय होने से जहां किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित होने की आशंका भी बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन और आम लोगों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करते हुए सतर्क रहने की जरूरत है।