Bihar Weather Forecast: बिहार में इस साल गर्मी ने समय से पहले ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। बिहार के कई जिलों में अभी से लू का असर दिखने लगा है और आने वाले दिनों में हालात और भी भयावह होने की आशंका जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, इस बार दो जेठ (अधिक मास) होने के कारण गर्मी का दौर लंबा खिंचेगा, जिससे तापमान पुराने रिकॉर्ड भी तोड़ सकता है।
गर्म और शुष्क पछुआ हवाओं के कारण राज्य के शहरों से लेकर गांव तक तपने लगे हैं। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है, लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। इसका असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, बल्कि पशु-पक्षियों पर भी साफ दिख रहा है। खेतों में काम करना मुश्किल हो गया है और बाजारों में भी भीड़ कम हो गई है।
मौसम विभाग ने खासतौर पर बक्सर, औरंगाबाद, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, गया, नवादा और अरवल जैसे जिलों में उष्ण लहर का खतरा जताया है। इन इलाकों में तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। वहीं उत्तर बिहार के पूर्णिया और किशनगंज जैसे जिले भी इस तपिश से अछूते नहीं रहेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि मई के पहले सप्ताह से गर्मी और अधिक तेज हो जाएगी। लगातार बढ़ते तापमान के कारण भूजल स्तर भी नीचे जा रहा है, जिससे पेयजल संकट की स्थिति बन सकती है। कालबैशाखी जैसी मौसमी बारिश इस बार कमजोर पड़ रही है, जिससे तापमान को नियंत्रित करने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया भी असरहीन हो गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि 40 से 45 डिग्री तापमान के बीच हीट स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ जाता है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें, अधिक से अधिक पानी पिएं और हल्के व ढीले कपड़े पहनें।
पशुपालकों को भी सलाह दी गई है कि वे अपने पशुओं को छाया में रखें और उन्हें पर्याप्त पानी उपलब्ध कराएं, क्योंकि अत्यधिक गर्मी उनके लिए भी खतरनाक साबित हो सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिससे सीमित क्षेत्रों में हल्की बारिश या आंधी आ सकती है। हालांकि, इससे पूरे राज्य को बड़ी राहत मिलने की संभावना कम है।
ऐसे में बिहार इस बार भीषण गर्मी की चपेट में आने वाला है, जहां लोगों को आने वाले हफ्तों में सचमुच “अग्नि परीक्षा” से गुजरना पड़ सकता है। इस स्थिती में सतर्कता और सावधानी ही इस तपती गर्मी से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।