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Bihar weather : बिहार में फरवरी के अंतिम दिनों में बढ़ती गर्मी: मौसम में बदलाव से बढ़ा स्वास्थ्य खतरा

बिहार में फरवरी के अंतिम दिनों में मौसम बदल रहा है। दिन और रात के तापमान में तेजी से बढ़ोतरी, बदलते मौसम से स्वास्थ्य पर असर और अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती संख्या। जानें कैसे बचें बीमारियों से।

01-Mar-2026 07:14 AM

By First Bihar

Bihar weather : बिहार में फरवरी के अंतिम दिनों में मौसम में बदलाव तेजी से महसूस किया जा रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में दिन और रात दोनों का तापमान धीरे-धीरे बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कल से तापमान में लगभग 3 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है। इसका मतलब यह है कि फरवरी के आखिरी दिनों में ही गर्मी का असर दिखाई देने लगेगा और मार्च की शुरुआत होते ही राज्य में पूर्ण रूप से गर्मी का मौसम शुरू हो सकता है।


मौसम में अचानक बदलाव और तापमान में वृद्धि के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। बदलते मौसम में अधिकतर लोग अपने खान-पान और कपड़ों के चयन में लापरवाही करने लगते हैं। सुबह और शाम के ठंडे मौसम के बावजूद लोग हल्के कपड़े पहन लेते हैं, जिससे उन्हें सर्दी, खांसी और जुकाम जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही खान-पान में संतुलन न होने से पाचन संबंधी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं।


मौसम की बदलती परिस्थितियों का असर बच्चों और बुजुर्गों पर ज्यादा देखने को मिलता है। छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण उन्हें वायरल और श्वसन संबंधी बीमारियां जल्दी घेर लेती हैं। वहीं बुजुर्गों को भी अचानक तापमान वृद्धि से थकान, सरदर्द और संक्रमण जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस समय उचित पोषण और स्वास्थ्य सुरक्षा बेहद जरूरी हो जाती है।


अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की संख्या भी इस समय बढ़ जाती है। डॉक्टरों के अनुसार, बदलते मौसम में बीमारियों के मामले सामान्य दिनों की तुलना में लगभग 20-30 प्रतिशत अधिक बढ़ जाते हैं। अधिकतर मरीजों में वायरल फीवर, जुकाम, खांसी, गले में खराश और पेट संबंधी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। डॉक्टर लोगों को सलाह दे रहे हैं कि वे मौसम के अनुसार अपने कपड़े पहनें और अपने खान-पान का विशेष ध्यान रखें।


मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव और आंशिक गर्मी देखने को मिल सकती है। इसलिए लोगों को बदलते मौसम के अनुसार अपनी दिनचर्या और स्वास्थ्य की देखभाल में सतर्क रहने की आवश्यकता है। गर्मी बढ़ने से पहले ही शरीर को मौसम के अनुरूप ढालना महत्वपूर्ण है।


विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय ठंड और गर्मी दोनों का मिश्रित असर होने के कारण वायरल बीमारियों का खतरा अधिक होता है। इसलिए सुबह-शाम की ठंडक और दिन के तेज गर्मी को ध्यान में रखते हुए हल्के लेकिन पर्याप्त गर्म कपड़े पहनना चाहिए। इसके साथ ही, पर्याप्त पानी पीना, हरी सब्जियों और फल का सेवन बढ़ाना और बाहर जाने पर सूर्य की तेज धूप से बचाव करना जरूरी है।


बिहार में बदलते मौसम के इस दौर में नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देनी होगी। इससे न केवल बीमारियों से बचाव होगा बल्कि अस्पतालों पर भी दबाव कम होगा। मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार लोगों को इस समय सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं, ताकि फरवरी के अंतिम और मार्च के शुरुआती दिनों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को कम किया जा सके। इस तरह, बिहार में मौसम अब बदलाव के अंतिम चरण पर खड़ा है, और लोगों को अपने स्वास्थ्य और जीवनशैली में बदलाव लाकर इस मौसम का सामना करना होगा।