Bihar Flood : बिहार में साइक्लोन अर्णब के असर से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पिछले तीन दिनों से राजधानी पटना समेत राज्य के कई हिस्सों में रुक-रुककर तेज बारिश हो रही है। लगातार बारिश, तेज हवा और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने कई इलाकों में परेशानी बढ़ा दी है। सुपौल के करीब 50 गांवों में बाढ़ जैसे हालात हैं और लोगों के घर-आंगन तक पानी पहुंच गया है। वहीं, मुजफ्फरपुर में बागमती और पश्चिम चंपारण में गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने शनिवार यानी 26 सितंबर को बिहार के 19 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
बारिश के साथ कई जिलों से हादसों की खबरें भी सामने आई हैं। खगड़िया के बेलदौर प्रखंड में तेज बारिश के दौरान घर की दीवार गिरने से 10 वर्षीय शिवम कुमार की मौत हो गई। वहीं, नेपाल में लगातार हो रही बारिश का असर अररिया में भी दिखाई दे रहा है। बलुआही धार का जलस्तर अचानक बढ़ने के बाद मानिकपुर पंचायत में दो महिलाओं की डूबने से मौत हो गई। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में सतर्कता बढ़ाई गई है।
सुपौल में बाढ़ का पानी कई गांवों में फैल गया है। लोग घरों से निकलने के लिए नाव और दूसरे साधनों का सहारा ले रहे हैं। कई जगह बच्चे बाढ़ के पानी में खेलते नजर आए। दूसरी ओर, पश्चिम चंपारण के बगहा में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। नेपाल में लगातार बारिश होने के कारण नदियों में पानी का दबाव बढ़ रहा है, जिससे बिहार के सीमावर्ती और नदी किनारे बसे इलाकों में चिंता बढ़ गई है।
बिहार में पिछले तीन दिनों में सामान्य से औसतन 267 प्रतिशत ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। इस दौरान बक्सर में सामान्य से करीब 600 प्रतिशत अधिक बारिश हुई। पटना में 271 प्रतिशत यानी 34.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश और तेज हवा के कारण तापमान में भी गिरावट आई है। राजधानी पटना में शुक्रवार शाम 5:30 बजे तक 39.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। बारिश के कारण अधिकतम तापमान 27.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 4.7 डिग्री कम है।
पिछले 24 घंटे में सीतामढ़ी में सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई। ढेंगब्रिज में 144 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके बाद खगड़िया के बलतारा में 116.2 मिलीमीटर, मधुबनी के झंझारपुर में 110.6 मिलीमीटर, पश्चिम चंपारण के बगहा में 98.2 मिलीमीटर और खगड़िया में 97 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। समस्तीपुर, बेगूसराय, छपरा, नालंदा, बांका समेत कई जिलों में भी दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही।
बारिश का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा। पटना में खराब मौसम और तेज बारिश के कारण दिल्ली से आने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट पटना एयरपोर्ट पर लैंड नहीं कर सकी। इसके बाद विमान को कोलकाता डायवर्ट करना पड़ा। खराब मौसम के कारण यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
नदियों की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली है। कोसी और बागमती नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि गंडक का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शनिवार सुबह 7 बजे कोसी बराज से 3 लाख 16 हजार 795 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। शुक्रवार को वीरपुर बराज से कोसी नदी में करीब 2.65 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। पिछले 24 घंटे में सुपौल के बसुआ में कोसी का जलस्तर 12 सेंटीमीटर बढ़ा है। खगड़िया के बलतारा में जलस्तर 26 सेंटीमीटर बढ़ा और यहां नदी खतरे के निशान से 49 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है।
गंडक नदी में भी पानी का दबाव बढ़ रहा है। बाल्मीकिनगर बराज से गंडक में करीब 1.29 लाख क्यूसेक पानी का प्रवाह हो रहा है। पश्चिम चंपारण के चटिया में पिछले 24 घंटे में जलस्तर 14 सेंटीमीटर बढ़ा है, जबकि गोपालगंज के डुमरिया घाट में 24 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मुजफ्फरपुर के बेनीबाद में बागमती नदी खतरे के निशान से 2 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है। नदी किनारे बसे इलाकों में प्रशासन को सतर्क रखा गया है।
हालांकि, बारिश की यह तस्वीर पूरे मानसून की कमी को पूरी तरह नहीं भर पाई है। बिहार में इस मानसून सीजन में अब तक सामान्य से 33 प्रतिशत कम बारिश हुई है। राज्य में अब तक 959.4 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन वास्तविक बारिश 646.7 मिलीमीटर ही हुई है। यानी अब तक करीब 312.7 मिलीमीटर बारिश कम हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार 26 सितंबर को बिहार के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। तेज हवा चलने की भी संभावना है। पटना में भी बादल छाए रहने और एक-दो दौर बारिश या गरज के साथ बौछार पड़ने का अनुमान है। अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री के आसपास रह सकता है।
मौसम में 27 सितंबर से धीरे-धीरे सुधार के संकेत हैं। 27 सितंबर को कई जगह आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं और एक-दो दौर बारिश हो सकती है। 28 सितंबर को भी कुछ इलाकों में बारिश या गरज के साथ बौछार पड़ने की संभावना है। यानी शनिवार को बिहार में बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर पर नजर रखना जरूरी होगा, जबकि इसके बाद मौसम के धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद है।