Bihar weather: बिहार में मौसम ने अचानक ऐसा करवट बदला कि भीषण गर्मी से राहत के साथ भारी तबाही भी लेकर आया। शुक्रवार को राज्य के कई जिलों में तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और वज्रपात ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। अलग-अलग घटनाओं में 15 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। मौसम विभाग ने शनिवार को भी पटना समेत 25 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
राजधानी पटना सहित राज्य के अधिकांश हिस्सों में शुक्रवार दोपहर बाद अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज हवाओं के साथ भारी बारिश शुरू हो गई। कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे गिर गए और घरों की छतें क्षतिग्रस्त हो गईं। वज्रपात की घटनाओं ने सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया। ग्रामीण इलाकों में खेतों और खुले स्थानों पर मौजूद लोग इसकी चपेट में आ गए।
मौसम विभाग के अनुसार, प्री-मानसून गतिविधियों के कारण राज्य में यह बदलाव देखने को मिला है। सीवान जिले में सबसे अधिक 135.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा गोपालगंज, सारण, पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और पूर्वी चंपारण समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई। लगातार बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति भी उत्पन्न हो गई।
खराब मौसम का असर हवाई और रेल सेवाओं पर भी पड़ा। पटना एयरपोर्ट पर खराब दृश्यता और तेज हवाओं के कारण चार विमानों को दूसरे शहरों की ओर डायवर्ट करना पड़ा। कई उड़ानों के संचालन में देरी हुई, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिरने और तकनीकी बाधाओं के कारण 18 जोड़ी ट्रेनें प्रभावित रहीं। कई ट्रेनें घंटों की देरी से चलीं।
राज्य के विभिन्न जिलों से नुकसान की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। कई जगहों पर बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे हजारों उपभोक्ता प्रभावित हुए। बिजली विभाग की टीमें आपूर्ति बहाल करने में जुटी हुई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मौसम विभाग ने शनिवार के लिए पटना, सीवान, गोपालगंज, सारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण समेत 25 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है।
प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान घरों के अंदर रहने, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा खुले मैदानों में न जाने की अपील की है। किसानों को भी खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटों तक बिहार के कई हिस्सों में मौसम अस्थिर बना रह सकता है। हालांकि बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। लेकिन लगातार आंधी, बारिश और वज्रपात की घटनाओं को देखते हुए सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग हालात पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।