Bihar Weather Update: बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय चक्रवाती तूफान अर्नब का असर बिहार के मौसम पर भी देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग ने बुधवार, 28 अक्टूबर को पटना समेत दक्षिण-मध्य और दक्षिण-पूर्व बिहार के 13 जिलों में तेज हवा, मेघगर्जन और वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी की है. इस दौरान कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हो सकती है.
मौसम विभाग के अनुसार, पटना, नालंदा, गया, नवादा, लखीसराय, शेखपुरा, जहानाबाद, बेगूसराय, जमुई, मुंगेर, बांका, खगड़िया और भागलपुर में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. इन जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के साथ मेघगर्जन और वज्रपात हो सकता है. राज्य के बाकी हिस्सों में भी एक-दो स्थानों पर बहुत हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है.
4 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच बिहार के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है. भभुआ, गया, नवादा और रोहतास में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. इसके अलावा राज्य के अन्य जिलों में भी कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश हो सकती है.
इस दौरान मेघगर्जन और वज्रपात के साथ 45 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं. ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है.
गुरुवार के बाद बदलेगा तापमान
मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार के बाद राज्य के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है. हालांकि न्यूनतम तापमान में फिलहाल बड़े बदलाव की संभावना नहीं है.
अगले एक सप्ताह के दौरान बिहार में अधिकतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है.
पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य में मौसम सामान्य तौर पर शुष्क रहा. सुपौल में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि किशनगंज में सबसे कम न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस रहा. इस दौरान तापमान में कोई खास बदलाव दर्ज नहीं किया गया. भोजपुर में 22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सबसे तेज हवा चली.
चक्रवाती तूफान अर्नब के संभावित प्रभाव को देखते हुए मौसम विभाग ने किसानों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है. खरीफ फसलों की कटाई का समय होने के कारण किसानों को पकी हुई फसलों की कटाई कर उन्हें सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखने को कहा गया है.
खेतों में कटी हुई फसल या खुले स्थान पर सुखाने के लिए रखी गई फसल को तिरपाल या किसी अन्य उपयुक्त साधन से ढककर सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है. मौसम खराब रहने की स्थिति में यदि जरूरी न हो तो फसल की कटाई कुछ समय के लिए रोकने और मौसम साफ होने पर ही कटाई करने को कहा गया है.