Bihar weather : बिहार में मानसून की विदाई के बाद भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। राज्य के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर को बिहार के 18 जिलों में आंधी, बारिश और वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में मौसम अचानक बदल सकता है। कहीं तेज हवाएं चलने तो कहीं गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की आशंका है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।


मौसम में इस बदलाव का असर उत्तर बिहार से लेकर दक्षिण-पश्चिम बिहार के कई जिलों में देखने को मिल सकता है। सारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, गोपालगंज, सीवान और पश्चिमी चंपारण समेत कई जिलों के लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों, किसानों और खेतों में काम करने वालों को मौसम खराब होने के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए। तेज हवा और वज्रपात की आशंका को देखते हुए लोगों को बिजली कड़कने के समय पेड़ों के नीचे या खुले मैदान में खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है।


मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के पूर्वानुमान के अनुसार, शुक्रवार को उत्तर-पश्चिम, उत्तर-मध्य और दक्षिण-पश्चिम बिहार के कुछ हिस्सों में आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान कई स्थानों पर बादल गरजने और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। हालांकि, पूरे राज्य में एक जैसी स्थिति रहने की संभावना नहीं है। कुछ जिलों में मौसम सामान्य रह सकता है, जबकि अलर्ट वाले इलाकों में अचानक तेज हवा और बारिश परेशानी बढ़ा सकती है।


मौसम विभाग ने जिन 18 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, उनमें सारण यानी छपरा, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, भोजपुर यानी आरा, बक्सर, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास यानी सासाराम और कैमूर यानी भभुआ शामिल हैं। इन जिलों के कुछ इलाकों में तेज हवा के साथ बारिश और वज्रपात की आशंका जताई गई है।


मौसम में बदलाव के पीछे वायुमंडल में बने मौसमी सिस्टम को अहम माना जा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा सुपौल से होकर गुजर रही है। वहीं, पूर्वोत्तर बिहार और आसपास के क्षेत्रों में समुद्र तल से करीब 3.1 से 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव से पूर्वोत्तर बिहार से झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ होते हुए तेलंगाना तक एक ट्रफ रेखा गुजर रही है। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर भी चक्रवाती परिसंचरण का प्रभाव बना हुआ है। इन मौसमी गतिविधियों के कारण बिहार के कुछ हिस्सों में बादल, बारिश और तेज हवा की स्थिति बन सकती है।


तापमान के मोर्चे पर फिलहाल बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले पांच दिनों के दौरान राज्य के अधिकतर हिस्सों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में विशेष परिवर्तन होने के आसार नहीं हैं। गुरुवार को बिहार में सबसे अधिक अधिकतम तापमान कैमूर जिले के भभुआ में 34.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। डेहरी, छपरा और वाल्मीकिनगर को छोड़कर राज्य के अन्य कई स्थानों पर अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।


राहत की बात यह है कि शुक्रवार के बाद राज्य में आंधी और बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। 10 अक्टूबर को कोसी, सीमांचल और पूर्वी बिहार के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, 11 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल से सटे किशनगंज जिले के एक-दो इलाकों में बारिश की संभावना जताई गई है। पटना समेत राज्य के अन्य हिस्सों में शनिवार से मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने का अनुमान है।


फिलहाल शुक्रवार को अलर्ट वाले जिलों में रहने वाले लोगों को मौसम के पूर्वानुमान पर नजर बनाए रखनी चाहिए। गरज-चमक शुरू होने पर सुरक्षित स्थान पर चले जाना बेहतर होगा। किसानों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को भी तेज हवा और बिजली गिरने के खतरे को नजरअंदाज  नहीं करना चाहिए।