Bihar Water Tourism: बिहार सरकार राज्य में जल पर्यटन को बड़े स्तर पर बढ़ावा देने की तैयारी में है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने इसके लिए एक मास्टरप्लान तैयार किया है। योजना के तहत राज्य के 276 जल स्रोतों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। पहले चरण में 70 से अधिक जल स्रोतों पर पर्यटकीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है।



सरकार की योजना के बाद राज्य की झीलें, तालाब, डैम और नदियां पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित हो सकेंगी। यहां पर्यटकों को बोटिंग के साथ विभिन्न प्रकार के वाटर स्पोर्ट्स और प्रकृति से जुड़े अनुभव उपलब्ध कराने की तैयारी है।



पहले चरण में पटना की गंगा नदी के अलावा बेगूसराय की कांवर झील, गया की फल्गु नदी, नालंदा का घोड़ाकटोरा और नवादा का ककोलत समेत कई जल स्रोतों को विकसित किया जाएगा। इसके अलावा गंडक, कोसी, सोन और पुनपुन जैसी प्रमुख नदियों में भी बोटिंग और वाटर स्पोर्ट्स की सुविधाएं शुरू करने की योजना है।



जल स्रोतों पर पर्यटकों की सुविधा के लिए फ्लोटिंग जेटी तैयार की जाएगी। पर्यटक स्पीड बोट और क्रूज की सवारी का आनंद ले सकेंगे।योजना में अलग-अलग वर्ग के पर्यटकों को ध्यान में रखते हुए करीब 10 प्रकार की बोट उपलब्ध कराने की तैयारी है। इनमें स्पीड बोट, जेट स्की, शिकारा, हाउस बोट, पैडल बोट, मोटर बोट, कयाक, कैनो, राफ्ट और रोइंग बोट शामिल हैं। प्रकृति प्रेमियों के लिए बर्ड वाचिंग और रिवर सफारी जैसी गतिविधियों को भी विकसित किया जाएगा। इससे पर्यटकों को जल पर्यटन के साथ प्राकृतिक और वन्यजीव आधारित अनुभव भी मिल सकेंगे।



विभाग की योजना के अनुसार तालाबों और डैम को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य वाटर टूरिज्म को केवल बड़े पर्यटकों तक सीमित रखने के बजाय हर वर्ग के लोगों के लिए आकर्षक और सुलभ बनाना है। इससे स्थानीय स्तर पर पर्यटन से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।



विभाग ने वाटर टूरिज्म के माध्यम से हर महीने करीब 12 लाख पर्यटकों को आकर्षित करने का लक्ष्य रखा है। जल स्रोतों के विकास के साथ आसपास के क्षेत्रों में होटल, रिसॉर्ट, रेस्तरां और स्थानीय परिवहन जैसी सुविधाओं के विस्तार की भी संभावना है।



जल पर्यटन परियोजना से 10 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है। बोट संचालकों, लाइफगार्ड, टूर गाइड और सुरक्षा कर्मियों के अलावा होटल, रिसॉर्ट, रेस्तरां और स्थानीय परिवहन क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही छोटे दुकानदारों, स्थानीय खान-पान और हस्तशिल्प कारोबार को भी पर्यटकों की बढ़ती संख्या से नया बाजार मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि जल स्रोतों के सुनियोजित विकास से बिहार में पर्यटन के नए आयाम खुलेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था के साथ रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।