बिहार के बस यात्रियों के लिए सफर अब पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा आसान और सुविधाजनक होने वाला है। बस स्टॉप पर बस के आने का घंटों इंतजार करने की परेशानी जल्द ही खत्म हो सकती है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) यात्रियों के लिए ‘वेयर इज माई बस’ मोबाइल एप लॉन्च करने की तैयारी में है। इस एप के शुरू होने के बाद यात्रियों को बस की जानकारी लेने के लिए इधर-उधर पूछताछ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मोबाइल पर ही बस की लोकेशन से लेकर टिकट और किराए तक की जानकारी मिल सकेगी।
दरअसल, ट्रेनों की तर्ज पर अब बिहार में सरकारी बसों को भी डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम से जोड़ने की तैयारी है। बसों में लगे GPS की मदद से यात्री मोबाइल एप पर यह देख सकेंगे कि उनकी बस इस समय कहां पहुंची है और उनके बस स्टॉप तक पहुंचने में उसे कितना समय लग सकता है। ऐसे में खासकर उन यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें बस के इंतजार में लंबे समय तक सड़क किनारे या बस स्टैंड पर खड़ा रहना पड़ता है।
घर बैठे पता चलेगी बस की लोकेशन
सोचिए, आपको पटना से किसी दूसरे जिले या दूसरे राज्य की यात्रा करनी है और बस का समय हो चुका है। पहले ऐसी स्थिति में यात्री बस स्टैंड पहुंचकर बस का इंतजार करते थे। कई बार बस देर से आती थी और यात्रियों को इसकी सही जानकारी नहीं मिल पाती थी। नई व्यवस्था में यह परेशानी काफी हद तक दूर हो सकती है।
‘वेयर इज माई बस’ एप पर बस की लाइव लोकेशन देखी जा सकेगी। बस किस रूट पर चल रही है, अभी वह किस स्थान के पास है और संबंधित स्टॉप तक कब तक पहुंच सकती है, इसकी जानकारी मोबाइल पर मिल सकेगी। GPS के जरिए मिलने वाली जानकारी को एप पर उपलब्ध कराया जाएगा।इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यात्री बस के समय के हिसाब से घर से निकल सकेंगे। यानी बस स्टॉप पर पहुंचकर लंबे समय तक इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी।
टिकट बुकिंग भी मोबाइल से
BSRTC की इस नई डिजिटल सुविधा का दायरा सिर्फ बस की लाइव लोकेशन तक सीमित नहीं रहेगा। एप के जरिए यात्री घर बैठे बस का टिकट भी बुक कर सकेंगे। यात्रियों को बस स्टैंड जाकर टिकट लेने की परेशानी से राहत मिलेगी।यात्री अपनी सुविधा के अनुसार बस और सीट का चुनाव कर सकेंगे। ऑनलाइन पेमेंट के जरिए टिकट की बुकिंग पूरी की जा सकेगी। इसके साथ ही टिकट कैंसिल करने और रिफंड से जुड़ी सुविधा भी एप में उपलब्ध कराने की तैयारी है।यानी टिकट लेने से लेकर यात्रा की तैयारी तक का बड़ा हिस्सा मोबाइल से ही पूरा किया जा सकेगा।
नगर सेवा से अंतरराज्यीय बस तक की जानकारी
इस एप की खास बात यह होगी कि इसमें सिर्फ पटना या किसी एक शहर की बसों की जानकारी नहीं होगी। विभागीय स्तर पर नगर सेवा, अंतरजिला और अंतरराज्यीय बसों को भी एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की तैयारी है।इससे यात्रियों को अलग-अलग बस सेवाओं की जानकारी के लिए अलग-अलग माध्यम तलाशने की जरूरत नहीं होगी। एप पर रूट, बस का समय, किराया और टिकट बुकिंग जैसी सुविधाएं एक जगह मिलने की उम्मीद है।पटना से दिल्ली, उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे प्रमुख राज्यों के लिए चलने वाली सरकारी बसों की बुकिंग को भी इस व्यवस्था से जोड़ने की तैयारी है। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को खास फायदा मिल सकता है।
रूट और किराए की जानकारी भी एक क्लिक पर
अक्सर यात्रियों को बस की सुविधा लेने से पहले यह पता करने में परेशानी होती है कि संबंधित रूट पर कौन सी बस चलती है, उसका किराया कितना है और बस कितने बजे मिलेगी। नई एप आधारित व्यवस्था में इन जानकारियों को भी एक ही जगह उपलब्ध कराने की तैयारी है।यात्री अपने मोबाइल पर रूट और किराए की जानकारी देखकर यात्रा की योजना बना सकेंगे। इससे पारदर्शिता बढ़ने के साथ यात्रियों का समय भी बचेगा।
BSRTC को भी मिलेगा फायदा
यह डिजिटल व्यवस्था सिर्फ यात्रियों के लिए ही उपयोगी नहीं होगी, बल्कि परिवहन निगम के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। GPS आधारित ट्रैकिंग से बसों की निगरानी बेहतर तरीके से की जा सकेगी। किस रूट पर बस चल रही है और बसों का संचालन किस तरह हो रहा है, इसकी जानकारी निगम को डिजिटल तरीके से मिल सकेगी।
परिवहन विभाग लंबे समय से सरकारी बस सेवा को तकनीक से जोड़ने की दिशा में काम कर रहा है। अब ‘वेयर इज माई बस’ एप के लॉन्च होने के बाद बिहार की सरकारी बस सेवा को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
फिलहाल यात्रियों को इस सुविधा के पूरी तरह शुरू होने का इंतजार है। एप लॉन्च होने के बाद बिहार में सरकारी बस से सफर करने वाले यात्रियों के लिए सबसे बड़ा बदलाव यही होगा कि बस का इंतजार अब अंदाजे से नहीं, मोबाइल पर मिलने वाली लाइव जानकारी के आधार पर किया जा सकेगा। टिकट बुकिंग, सीट चयन, किराया, रूट और बस की लाइव लोकेशन जैसी सुविधाएं एक ही एप में मिलने से सरकारी बस सेवा पहले के मुकाबले ज्यादा स्मार्ट और यात्री-केंद्रित हो सकती है।