PATNA: बिहार के ग्रामीण इलाके में रहने वाले लोग अब टैक्स के दायरे से बाहर थे. उन्हें मकान, दुकान से लेकर पानी के लिए टैक्स नहीं देना पड़ रहा था. लेकिन अब अच्छे दिन समाप्त हुए. सम्राट सरकार ने पंचायतों को ग्रामीण इलाके में टैक्स वसूली का पावर दे दिया है. आज कैबिनेट की बैठक में इसकी नियमावली पास कर दी गई. अब गांव के लोगों को कई तरह का टैक्स चुकाना पड़ेगा.


पंचायतों को मिला टैक्स वसूली का अधिकार

बुधवार शाम हुई कैबिनेट की बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि बिहार में पहले से प्रावधान था कि ग्राम पंचायत टैक्स की वसूली कर सकते हैं. लेकिन टैक्स की वसूली कैसे होगी इसकी कोई नियमावली नहीं थी. आज कैबिनेट की बैठक में नियमावली को मंजूरी दे दी गई. लिहाजा, ग्राम पंचायत अब टैक्स वसूली कर सकेंगे. 


किनसे होगी टैक्स वसूली

बिहार सरकार ने आज ग्राम पंचायत कर, दर एवं शुल्क नियमावली 2026 को मंजूरी दी है. नई नियमावली में किन लोगों को टैक्स देना होगा ये समझिए. सरकार ने कहा कि ग्रामीण इलाके में होल्डिंग के दखलकार को टैक्स देना पड़ेगा. यानि जिसके पास भी ग्रामीण इलाके में किसी जमीन, मकान या संपत्ति का मालिक है या उस संपत्ति का उपयोग कर रहा है, उसे टैक्स चुकाना पड़ेगा. अब तक ग्रामीण इलाके की जमीन पर बेहद मामूली मालगुजारी देनी पड़ती थी. लेकिन अब जमीन से लेकर गांव के मकान के लिए भी टैक्स चुकाना पड़ेगा. 


दुकान-व्यापार पर भी लगेगा टैक्स

बिहार के ग्रामीण इलाकों में दुकान या कारोबार करने वाले लोगों को सीधे कोई टैक्स नहीं देना पड़ता था.  लेकिन अब राज्य सरकार ने प्रावधान कर दिया है कि अगर ग्रामीण इलाके में किसी ने छोटी दुकान खोल रखी है. कोई घर से ही व्यापार कर रहा है या फिर किसी ने कोई छोटा-बड़ा उद्योग लगाया हो तो उसे टैक्स देना पड़ेगा. ग्राम पंचायत ऐसे व्यक्ति से टैक्स वसूलेगी.


पानी से लेकर नाली पर टैक्स

राज्य सरकार ने अपने ग्राम पंचायत टैक्स नियमावली में प्रावधान किया है कि अगर पंचायत किसी भी व्यक्ति को कोई सुविधा दे रही है तो उसे टैक्स चुकाना पड़ेगा. बिहार में अभी हर घर नल का जल मिल रहा है. अब तक इसके लिए कोई टैक्स नहीं देना पड़ता था लेकिन अब पानी के लिए भी टैक्स देना पड़ेगा. ग्राम पंचायत अगर सफाई या जल निकासी के लिए नाले की व्यवस्था करता है तो उसके लिए गांव के लोगों को टैक्स देना पड़ेगा. 


कुल मिलाकर कहें तो बिहार के ग्रामीण इलाकों के लोग भी उसी तरह टैक्स के दायरे में आ गये हैं, जैसे शहरी इलाके के लोग हैं. उन्हें भी प्रापर्टी टैक्स से लेकर तमाम दूसरे तरह का कर चुकाना पड़ेगा. सम्राट सरकार ने कहा है कि इससे ग्राम पंचायतों के अपने राजस्व में काफी वृद्धि होगी और वे नया काम कर पायेंगे.