Vikramshila Kataria Railway Project: विक्रमशिला-कटरिया नई रेल लिंक परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है. करीब 33 किलोमीटर लंबी इस नई रेल लाइन के निर्माण के लिए 1163 करोड़ रुपये से अधिक का ई-टेंडर जारी किया गया है. परियोजना के पूरा होने के बाद नवगछिया का रेल नेटवर्क विक्रमशिला से जुड़ेगा और कोसी, सीमांचल के साथ संताल परगना क्षेत्र के बीच रेल संपर्क और बेहतर होगा.


गंगा नदी पर बनेगा नया रेल पुल

इस परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बटेश्वरस्थान के पास गंगा नदी पर प्रस्तावित रेल पुल है. नई रेल लाइन के साथ इस पुल का निर्माण होने के बाद नवगछिया की ओर से विक्रमशिला तक सीधा रेल संपर्क विकसित होगा. इसके अलावा शिवनारायणपुर वाई-लिंक और कटरिया वाई-लिंक के जरिए नवगछिया तक रेल कनेक्टिविटी को जोड़ा जाएगा.


चार साल में पूरा करने का लक्ष्य

रेलवे की ओर से जारी निविदा में टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि 27 जनवरी 2027 निर्धारित की गई है. टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य को 1460 दिनों यानी करीब चार वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.


परियोजना के तहत नई रेल लाइन के लिए मिट्टी भराई, छोटे और बड़े पुल, रेल ओवरब्रिज, अंडरपास, नए प्लेटफॉर्म और स्टेशन भवन समेत कई निर्माण कार्य किए जाएंगे. रेलवे के निर्धारित मानकों के अनुसार पूरे रेलखंड को 25 टन लोडिंग क्षमता के अनुरूप तैयार किया जाएगा.


सीमांचल से देवघर का सफर होगा आसान

नई रेल लाइन के शुरू होने के बाद पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज समेत सीमांचल के जिलों से झारखंड के संताल परगना क्षेत्र तक रेल संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है. इसका लाभ देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथधाम जाने वाले यात्रियों और श्रद्धालुओं को भी मिलेगा.


कोसी और सीमांचल क्षेत्र के यात्रियों के लिए भागलपुर और नवगछिया के रास्ते देवघर पहुंचने का एक और रेल विकल्प तैयार होगा. इससे यात्रा की दूरी और समय में कमी आने की उम्मीद है.


टेंडर जारी होने के बाद गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने खुशी जताई है. उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से गंगा के दोनों किनारों के बीच रेल संपर्क बेहतर होगा और गोड्डा तथा देवघर की कनेक्टिविटी सीमांचल के जिलों से मजबूत होगी.


परियोजना के तहत प्रस्तावित गंगा रेल पुल और नई रेल लाइन के निर्माण से नवगछिया, कोसी, सीमांचल और संताल परगना के बीच रेल नेटवर्क को नया संपर्क मार्ग मिलने की उम्मीद है.