Bihar Vigilance Raid : बिहार में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता चंद्रशेखर सिंह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में निगरानी की टीम ने एक साथ उनके चार ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई बिहार के पटना, छपरा और कटिहार के अलावा पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी स्थित ठिकाने पर की जा रही है। निगरानी की अलग-अलग टीमें इन सभी जगहों पर संपत्ति और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही हैं।
जानकारी के मुताबिक, चंद्रशेखर सिंह की पोस्टिंग छपरा में ग्रामीण कार्य विभाग में कार्यपालक अभियंता के पद पर बताई जा रही है। निगरानी विभाग को उनके खिलाफ आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी। शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई और इसके बाद उनके अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई शुरू की गई।
पटना में निगरानी की टीम रूपसपुर थाना क्षेत्र के लोहिया पथ स्थित सरयुग वामिका अपार्टमेंट भी पहुंची। यहां फ्लैट नंबर 103 में टीम ने जांच शुरू की। बताया जा रहा है कि निगरानी की टीम करीब दोपहर 12:30 बजे फ्लैट पर पहुंची। छापेमारी के समय चंद्रशेखर सिंह के घर में मौजूद होने की भी जानकारी सामने आई है। टीम ने घर में मौजूद दस्तावेजों और दूसरी संपत्तियों से संबंधित कागजात की जांच शुरू कर दी।
निगरानी की कार्रवाई सिर्फ पटना तक सीमित नहीं है। छपरा और कटिहार में भी टीम उनके ठिकानों पर पहुंची है। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में भी एक ठिकाने पर जांच की जा रही है। अलग-अलग जगहों पर चल रही इस कार्रवाई का मकसद यह पता लगाना है कि चंद्रशेखर सिंह ने अपनी आय के मुकाबले कितनी संपत्ति अर्जित की है और यह संपत्ति किन माध्यमों से बनाई गई।
छापेमारी के दौरान निगरानी की टीम जमीन, मकान, बैंक खातों, निवेश और दूसरी चल-अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। इसके अलावा आय और संपत्ति से संबंधित दूसरे कागजात भी खंगाले जा रहे हैं। हालांकि, अभी तक निगरानी विभाग की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि छापेमारी के दौरान कितनी नकदी, जेवरात या अन्य महत्वपूर्ण सामान मिला है।
फिलहाल निगरानी की कार्रवाई जारी है। टीम की जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि चंद्रशेखर सिंह के खिलाफ लगाए गए आय से अधिक संपत्ति के आरोपों में कितनी सच्चाई है और छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ है। निगरानी विभाग की आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मामले में आगे की तस्वीर साफ होगी।
एक साथ चार ठिकानों पर हुई इस कार्रवाई से ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल सभी की नजर निगरानी की जांच और छापेमारी के दौरान सामने आने वाले दस्तावेजों व संपत्ति के विवरण पर है।