PATNA: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई की है। मुजफ्फरपुर जिले की माधोपुर सुस्ता नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार के तीन ठिकानों पर निगरानी की टीम छापेमारी कर रही है। उन पर आय से अधिक करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। निगरानी ब्यूरो ने इस मामले में केस दर्ज कर पटना, मुजफ्फरपुर और सहरसा स्थित उनके आवास और कार्यालयों की तलाशी शुरू की है।
दरअसल, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार के खिलाफ 4 नवंबर 2026 को निगरानी थाना कांड संख्या 131/26 दर्ज किया था। उनके खिलाफ एक करोड़ 58 हजार 733 रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया है।
निगरानी की प्रारंभिक जांच में सुशील कुमार, उनकी पत्नी चांदनी गुप्ता और परिजनों के नाम पर कुल छह अचल संपत्तियों का पता चला है। इनकी अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ 37 लाख 71 हजार 400 रुपये बताई गई है। वहीं, विभिन्न बैंक खातों में करीब 28 लाख 54 हजार रुपये जमा होने की जानकारी भी सामने आई है।
ब्यूरो के मुताबिक, आरोपी के पास उनकी ज्ञात आय से करीब 110 प्रतिशत अधिक संपत्ति पाई गई है। इसी मामले में विशेष निगरानी न्यायालय, पटना से सर्च वारंट मिलने के बाद 5 नवंबर को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की तीन टीमों ने एक साथ कार्रवाई शुरू की। ये टीमें पटना, मुजफ्फरपुर और सहरसा स्थित आरोपी के आवास और कार्यालयों की तलाशी ले रही हैं।
फिलहाल, निगरानी की छापेमारी और मामले का अनुसंधान जारी है। तलाशी पूरी होने के बाद संपत्ति और अन्य दस्तावेजों को लेकर और खुलासे होने की संभावना है।