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Vijay Sinha : विधानसभा में अवैध बालू खनन के मुद्दे को लेकर विपक्षी विधायकों ने विजय सिन्हा को घेरा, पूछा - मंत्री जी बताएं; ट्रक से खनन बंद करवाने का क्या है असली हकीकत

बिहार विधानसभा का बजट सत्र 2026 आज अपने दुसरे दिन भी महत्वपूर्ण चर्चा और सवाल-जवाब के बीच जारी रहा। आज सदन में अवैध बालू खनन का मुद्दा गरमाया, जिसमें विपक्षी विधायकों ने सरकार की नीतियों और उनके अमल पर सवाल खड़े किए।

03-Feb-2026 11:24 AM

By First Bihar

बिहार विधानसभा का बजट सत्र आज अपने दुसरे दिन भी चर्चा और हंगामे के बीच जारी रहा। आज सदन में मुख्य रूप से अवैध बालू खनन का मुद्दा गरमाया। विपक्षी विधायकों ने इस संवेदनशील मुद्दे को उठाते हुए सरकार की नीतियों और उनके अमल पर सवाल खड़े किए।


सत्र के दौरान विपक्षी विधायक संदीप सौरभ और उनके भाई वीरेंद्र ने इस मुद्दे को लेकर जोरदार सवाल किए। उन्होंने अवैध बालू खनन के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई और कहा कि राज्य के कई क्षेत्रों में इस कुप्रथा ने स्थानीय जीवन और पर्यावरण को प्रभावित किया है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या सरकार ने इसे रोकने के लिए ठोस कदम उठाए हैं।


इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विभागीय मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि सरकार इस मामले में पूरी तरह से सक्रिय है। मंत्री ने बताया कि अवैध बालू खनन को रोकने के लिए एक विशेष प्लान तैयार किया जा चुका है। उन्होंने कहा, “हमने इसके लिए राज्य स्तर पर रणनीति बनाई है। योजना तैयार है और इसे लागू किया जा रहा है। अगर कहीं भी अवैध खनन की सूचना आती है, तो हम तुरंत कार्रवाई करेंगे।”


मंत्री ने इस दौरान एक महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की। उन्होंने कहा कि अब राज्य में बालू खनन के लिए बड़े ट्रकों का उपयोग नहीं हो रहा है। इसके बजाय खनन में ट्रैक्टर का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस बदलाव से नियंत्रण में मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, क्योंकि ट्रैक्टर से होने वाला खनन अधिक नियंत्रित और निगरानी योग्य है।


विपक्षी विधायकों ने मंत्री से यह भी पूछा कि क्या सरकार आम जनता से सहयोग लेने को तैयार है ताकि अवैध खनन की रोकथाम की जा सके। इस पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति अवैध बालू खनन की जानकारी देता है तो उसके सहयोग को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने इनाम देने का निर्णय लिया है। मंत्री ने कहा, “यदि कोई नागरिक हमें सटीक सूचना देगा, तो उसके प्रयास की सराहना की जाएगी और इसके लिए इनाम भी दिया जाएगा। इससे न केवल अवैध खनन पर अंकुश लगेगा, बल्कि जनता भी इस अभियान का हिस्सा बनेगी।”


सत्र में इस मुद्दे पर आगे चर्चा जारी रही। विपक्ष ने सरकार से समय-समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने की मांग की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अवैध खनन पर न केवल निगरानी हो, बल्कि समय पर कार्रवाई भी हो। विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य में बालू खनन एक गंभीर पर्यावरणीय और सामाजिक समस्या है। अवैध खनन न केवल नदी तटों और भूमि की उपजाऊ शक्ति को प्रभावित करता है, बल्कि स्थानीय बस्तियों में अपराध और दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ाता है। ऐसे में सरकार द्वारा आम जनता को इस अभियान में शामिल करना एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।


इस तरह बिहार विधानसभा में आज अवैध बालू खनन का मुद्दा प्रमुख रूप से सामने आया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस पर सख्त कदम उठा रही है और जनता से सहयोग अपेक्षित है। विपक्ष ने भी सरकार को जवाबदेह बनाने का प्रयास किया, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि अवैध खनन पूरी तरह से नियंत्रित किया जा सके।