पटना: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही स्पीकर प्रेम कुमार ने सदन की गरिमा बनाए रखने को लेकर सख्त रुख दिखाया। सोमवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान जब स्पीकर शोक संदेश पढ़ रहे थे, उसी समय उनकी नजर भाजपा और जेडीयू के विधायकों पर पड़ी, जो आपस में बातचीत कर रहे थे। स्पीकर ने तुरंत दोनों विधायकों को टोका और सदन में शांति बनाए रखने का निर्देश दिया।
दरअसल, बिहार विधानसभा मानसून सत्र के पहले दिन कार्यवाही शुरू होने के बाद संसदीय कार्य चल रहे थे। इसी क्रम में विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार सदन में दिवंगत नेताओं और महत्वपूर्ण व्यक्तियों को श्रद्धांजलि देने के लिए शोक संदेश पढ़ रहे थे। सदन का माहौल पूरी तरह गंभीर था और सभी सदस्य शोक प्रस्ताव को सुन रहे थे।
इसी दौरान विधानसभा अध्यक्ष की नजर भाजपा विधायक जनक सिंह और जेडीयू विधायक मनीष कुमार पर पड़ी। दोनों विधायक आपस में बातचीत कर रहे थे। स्पीकर प्रेम कुमार ने इसे सदन की मर्यादा के अनुरूप नहीं माना और तुरंत आसन से ही दोनों विधायकों को संबोधित करते हुए बातचीत बंद करने को कहा। स्पीकर प्रेम कुमार ने कहा, "जनक बाबू, मनीष जी गप नहीं करें। सदन के अंदर आपस में बातचीत करना उचित नहीं है। कृपया शांति बनाए रखें।"स्पीकर के निर्देश के बाद दोनों भाजपा विधायक शांत हो गए और सदन की कार्यवाही दोबारा सुचारू रूप से आगे बढ़ी। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने शोक संदेश का पाठ पूरा किया।
सदन की गरिमा को लेकर स्पीकर सख्त
विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार समय-समय पर सदन की मर्यादा और अनुशासन बनाए रखने को लेकर सदस्यों को निर्देश देते रहे हैं। विधानसभा की कार्यवाही के दौरान सदस्यों से अपेक्षा की जाती है कि वे गंभीर मुद्दों पर चर्चा और संसदीय कार्यक्रमों के दौरान पूरी गंभीरता बनाए रखें। खासकर शोक संदेश जैसे अवसर पर सदन का वातावरण पूरी तरह शांत और सम्मानजनक रखा जाता है। ऐसे समय में किसी भी तरह की बातचीत या व्यवधान को सदन की गरिमा के खिलाफ माना जाता है।
मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष का हंगामा
बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हुआ है। पांच दिनों तक चलने वाले इस सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को पूरा करने की तैयारी में है। वहीं, विपक्ष ने भी सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की है। सत्र के पहले दिन ही विपक्षी विधायकों ने नीट पेपर लीक समेत कई मुद्दों को लेकर सदन में आवाज उठाई और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। हालांकि, स्पीकर के हस्तक्षेप के बाद सदन की कार्यवाही आगे बढ़ी।
सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने
मानसून सत्र को लेकर बिहार की राजनीति पहले से ही गर्म है। सरकार जहां अपने कामकाज और आगामी योजनाओं को लेकर सदन में जवाब देने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था, कानून व्यवस्था और अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। पहले दिन की कार्यवाही में जहां राजनीतिक मुद्दे चर्चा में रहे, वहीं स्पीकर प्रेम कुमार की ओर से विधायकों को अनुशासन बनाए रखने की हिदायत भी चर्चा का विषय बन गई। सदन में स्पीकर की यह टिप्पणी कुछ ही देर में चर्चा में आ गई। हालांकि, निर्देश मिलने के बाद भाजपा विधायकों ने तुरंत अपनी बातचीत रोक दी और विधानसभा की कार्यवाही शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ती रही।