पटना: बिहार विधान मंडल के मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों को लेकर जमकर हंगामा किया। विपक्षी विधायक मॉडल स्कूलों के नाम और स्वरूप में बदलाव, NEET पेपर लीक मामले और ग्रामीणों पर लगाए जा रहे टैक्स जैसे मुद्दों को लेकर सरकार से जवाब की मांग कर रहे थे। हंगामे के कारण सदन का माहौल कुछ देर के लिए गर्म हो गया। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष ने हस्तक्षेप करते हुए सभी विधायकों को शांत कराया और कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने की अपील की।
प्रश्नकाल से शुरू हुई सदन की कार्यवाही
मानसून सत्र के दूसरे दिन विधानसभा की कार्यवाही निर्धारित समय पर प्रश्नकाल के साथ शुरू हुई। प्रश्नकाल के दौरान विधायकों ने अल्पसूचित और तारांकित प्रश्नों के माध्यम से सरकार से विभिन्न विभागों से जुड़े मुद्दों पर जवाब मांगा।
आज के प्रश्नकाल में राज्य सरकार के कई महत्वपूर्ण विभागों से जुड़े सवाल सदन में उठाए जाएंगे। इनमें शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, खान एवं भूतत्व विभाग, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग सहित कई विभाग शामिल हैं।
इसके अलावा समाज कल्याण विभाग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, परिवहन विभाग, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, कला एवं संस्कृति विभाग, खेल विभाग, युवा विभाग और रोजगार एवं कौशल विकास विभाग से संबंधित सवाल भी सदन में रखे जाएंगे।
मॉडल स्कूल के मुद्दे पर विपक्ष आक्रामक
सत्र के दूसरे दिन विपक्ष ने सबसे पहले मॉडल स्कूलों के मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की। विपक्ष का आरोप है कि सरकार शिक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों में पारदर्शिता नहीं बरत रही है। मॉडल स्कूलों के नाम और स्वरूप को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाते हुए सदन में चर्चा की मांग की।
विपक्षी विधायकों ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए और किसी भी तरह के बदलाव से पहले सभी पक्षों को विश्वास में लेना चाहिए।
NEET पेपर लीक मामले पर भी सरकार से जवाब मांगा
विपक्ष ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। विधायकों ने मांग की कि इस मामले में अब तक हुई कार्रवाई और जांच की स्थिति की जानकारी सदन में रखी जाए।
विपक्ष का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाएं छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। इसलिए सरकार को इस मामले में कड़ी कार्रवाई और जवाबदेही तय करनी चाहिए।
ग्रामीणों पर टैक्स के मुद्दे पर भी हंगामा
सदन में ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े टैक्स के मुद्दे को लेकर भी विपक्ष ने आवाज उठाई। विपक्षी नेताओं ने सवाल किया कि ग्रामीण जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ क्यों डाला जा रहा है।
उन्होंने सरकार से इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। विपक्ष का कहना है कि पहले से महंगाई की मार झेल रही आम जनता पर नए टैक्स का बोझ डालना उचित नहीं है।
प्रश्नकाल के बाद होंगे औपचारिक कार्य
प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद सदन में कई औपचारिक कार्य पूरे किए जाएंगे। इस दौरान विभिन्न संदेश और विधेयक सदन के पटल पर रखे जाएंगे।
इसके साथ ही विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह मुख्यमंत्री मंत्रीपरिषद समिति की 216वीं प्रतिवेदन की प्रति भी सदन के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।
सरकार और विपक्ष के बीच टकराव के आसार
मानसून सत्र के दूसरे दिन जिस तरह विपक्ष ने शुरुआत से ही सरकार को घेरने की कोशिश की है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में सदन की कार्यवाही काफी हंगामेदार रह सकती है।
विपक्ष जहां शिक्षा, रोजगार, परीक्षा व्यवस्था और ग्रामीण मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी में है, वहीं सरकार भी अपने कामकाज और फैसलों को लेकर जवाब देने के लिए तैयार है।
बिहार विधान मंडल का यह मानसून सत्र कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा का गवाह बन सकता है। आने वाले दिनों में विधेयकों, सरकारी योजनाओं और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।