पटना: बिहार विधान परिषद के मानसून सत्र के तीसरे दिन सैटेलाइट टाउनशिप योजना में जमीन बिक्री और अनुमति को लेकर जमकर हंगामा देखने को मिला। सदन में जमीन खरीद-बिक्री के मुद्दे पर चर्चा के दौरान राजद एमएलसी सुनील सिंह और भाजपा एमएलसी नवल किशोर यादव के बीच तीखी बहस हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाने शुरू कर दिए।
दरअसल, विधान परिषद में सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री को लेकर सवाल उठाया गया था। इसी दौरान राजद एमएलसी सुनील सिंह ने कहा कि सैटेलाइट टाउनशिप इलाके में उनकी जमीन मौजूद है और वह अपनी जमीन बेचना चाहते हैं, लेकिन सरकार की ओर से इसकी अनुमति नहीं मिल रही है। उन्होंने सदन में इस मामले को उठाते हुए कहा कि जमीन मालिकों को अपने अधिकार के अनुसार जमीन बेचने की अनुमति मिलनी चाहिए।
सुनील सिंह के सवाल पर सरकार की ओर से मंत्री ने जवाब देते हुए आश्वासन दिया कि यदि वह आवेदन करते हैं तो नियमानुसार उन्हें जमीन बिक्री की अनुमति दी जाएगी। मंत्री के इस जवाब के बाद मामला शांत होने की बजाय और गरमा गया। इसी दौरान भाजपा एमएलसी नवल किशोर यादव अपनी सीट से खड़े हो गए और उन्होंने सैटेलाइट टाउनशिप में जमीन को लेकर हो रहे विरोध पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इस इलाके में सिर्फ सुनील सिंह की ही जमीन नहीं है, बल्कि कई अन्य लोगों की जमीन भी इस परियोजना के अंतर्गत आ रही है। उन्होंने कहा कि कई जनप्रतिनिधियों और लोगों की जमीन भी इसमें शामिल है, लेकिन सभी लोग इसका विरोध नहीं कर रहे हैं।
नवल किशोर यादव ने कहा कि -सैटेलाइट टाउनशिप योजना को लेकर विरोध करने वाले लोग जमीन मालिक नहीं बल्कि जमीन के कारोबार से जुड़े लोग हो सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जमीन की खरीद-बिक्री के दलाली से जुड़े होने के कारण इस योजना का विरोध कर रहे हैं।
भाजपा एमएलसी के इस बयान के बाद राजद एमएलसी सुनील सिंह भड़क गए। जैसे ही नवल किशोर यादव ने जमीन की दलाली शब्द का इस्तेमाल किया, सुनील सिंह अपनी सीट से खड़े हो गए और उन्होंने आपत्ति जताई। उन्होंने सभापति की ओर इशारा करते हुए कहा कि- महोदय यह (नवल यादव ) खुद दलाली करता है.. दलाल है..दलाल है ...यह दलाल है.. यह अपने शब्द को वापस ले। यह लोग दलाल है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नवल किशोर यादव ने सदन की गरिमा के खिलाफ टिप्पणी की है।इसके जवाब में नवल किशोर यादव ने भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति मुझपर सवाल उठा रहा है वह खुद पटना में जमीन के अवैध कारोबार करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग पटना में जमीन से जुड़े मामलों में पहले भी विवादों में रहे हैं।
बहस के दौरान दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया। सुनील सिंह ने नवल किशोर यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वह इस तरह के आरोप लगाने वाले खुद गलत हैं। वहीं नवल किशोर यादव ने भी अपने बयान पर कायम रहते हुए पलटवार किया। विधान परिषद में हुई इस तीखी नोकझोंक के बाद सदन का माहौल कुछ देर के लिए गरमा गया। हालांकि, सभापति और अन्य सदस्यों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। इसके बाद सभापति ने दलाल शब्द को सदन की प्रोसेडिंग से बहार करने का आदेश दिया।
गौरतलब है कि बिहार सरकार ने हाल ही में सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की दिशा में कई कदम उठाए हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य राजधानी पटना समेत अन्य बड़े शहरों के आसपास योजनाबद्ध तरीके से नए शहरी क्षेत्रों का विकास करना है। लेकिन जमीन अधिग्रहण, बिक्री और मालिकाना अधिकार को लेकर कई सवाल लगातार उठ रहे हैं। सैटेलाइट टाउनशिप में जमीन बिक्री को लेकर विधान परिषद में हुई यह बहस अब राजनीतिक मुद्दा बन गई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच हुई इस जुबानी जंग ने सदन की कार्यवाही को भी कुछ समय के लिए प्रभावित किया।