पटना: बिहार के पारंपरिक विश्वविद्यालयों में स्नातक (UG) में दाखिले का इंतजार कर रहे विद्यार्थियों के लिए बड़ी खबर है। राज्य के अलग-अलग विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में तीन लाख से अधिक स्नातक सीटें अब भी खाली हैं। इन रिक्त सीटों को भरने के लिए विद्यार्थियों को स्पॉट नामांकन का एक और मौका दिया गया है। खास बात यह है कि स्पॉट एडमिशन के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 6 अक्टूबर से शुरू होकर 8 अक्टूबर तक चलेगी। इसके बाद 9 अक्टूबर को मेधा सूची और पात्र अभ्यर्थियों की सूची जारी की जाएगी, जबकि चयनित विद्यार्थियों का नामांकन 10 से 12 अक्टूबर के बीच कराया जाएगा।
यानी जिन विद्यार्थियों का अब तक किसी कॉलेज में दाखिला नहीं हो सका है, उनके लिए यह मौका काफी अहम है। हालांकि, स्पॉट नामांकन की प्रक्रिया में वही विद्यार्थी शामिल हो सकेंगे, जिन्होंने पहले के किसी नामांकन चरण में किसी कॉलेज में दाखिला नहीं लिया है। जिन छात्रों का पहले ही किसी कॉलेज में नामांकन हो चुका है, वे इस प्रक्रिया के लिए पात्र नहीं माने जाएंगे।
स्पॉट नामांकन की पूरी प्रक्रिया उपलब्ध रिक्त सीटों के आधार पर होगी। विद्यार्थियों को आवेदन करने से पहले यह देखना होगा कि उनकी पसंद के कॉलेज और विषय में सीट उपलब्ध है या नहीं। विश्वविद्यालय और कॉलेज स्तर पर विषयवार और महाविद्यालयवार रिक्त सीटों की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके आधार पर छात्र अपनी पसंद के कॉलेज और विषय का चयन कर सकेंगे।
आवेदन के लिए बिहार के विश्वविद्यालयों के अनुसार अलग-अलग पोर्टल की व्यवस्था की गई है। बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (बीआरए बिहार विश्वविद्यालय) और मगध विश्वविद्यालय के अंगीभूत एवं संबद्ध कॉलेजों के लिए विद्यार्थी यूएमआइएस पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। वहीं राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों के पंजीकृत अभ्यर्थियों के लिए समर्थ पोर्टल के जरिए स्पॉट नामांकन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
नामांकन कार्यक्रम को लेकर भी विद्यार्थियों को तारीखों का खास ध्यान रखना होगा। 6 से 8 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। आवेदन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद 9 अक्टूबर को मेधा सूची और पात्र अभ्यर्थियों की सूची जारी होगी। इसके बाद 10, 11 और 12 अक्टूबर को चयनित विद्यार्थियों का संबंधित कॉलेजों में नामांकन कराया जाएगा। ऐसे में आवेदन की अंतिम तारीख निकलने के बाद विद्यार्थियों के पास नामांकन का अवसर नहीं रहेगा।
बिहार में इस बार नए डिग्री कॉलेजों में भी बड़ी संख्या में सीटें खाली रह गई हैं। हाल में स्थापित किए गए कई डिग्री कॉलेजों में करीब 80 प्रतिशत तक सीटें रिक्त बताई जा रही हैं। इन कॉलेजों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए स्पॉट नामांकन समेत अलग-अलग चरणों में आवेदन और दाखिले का मौका दिया जा रहा है। विश्वविद्यालयों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती इन खाली सीटों को भरने की है।
रिक्त सीटों के मामले में वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय (वीकेएसयू), आरा सबसे अधिक चर्चा में है। यहां स्नातक सत्र 2026-30 में 82 हजार से अधिक सीटें खाली बताई जा रही हैं। इन सीटों को भरने के लिए विश्वविद्यालय की ओर से नामांकन पोर्टल दोबारा खोलने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इतनी बड़ी संख्या में सीटें खाली रहने से विश्वविद्यालय और उससे जुड़े कॉलेजों में दाखिले को लेकर एक बार फिर गतिविधियां तेज हो गई हैं।
इसी तरह ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (एलएनएमयू), दरभंगा में भी स्नातक प्रथम सेमेस्टर की 72 हजार से अधिक सीटें रिक्त हैं। वहीं पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय में स्नातक सत्र 2026-30 की करीब 25 हजार सीटें खाली बताई जा रही हैं। इन आंकड़ों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि राज्य के विश्वविद्यालयों में यूजी स्तर पर बड़ी संख्या में सीटें अभी भी विद्यार्थियों का इंतजार कर रही हैं।
वीकेएसयू, एलएनएमयू और पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के अलावा तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, मुंगेर विश्वविद्यालय समेत राज्य के अन्य पारंपरिक विश्वविद्यालयों में भी बड़ी संख्या में सीटें रिक्त हैं। सभी विश्वविद्यालयों में बची सीटों को जोड़ने पर यह आंकड़ा तीन लाख से अधिक पहुंच रहा है। यही वजह है कि विद्यार्थियों को एक बार फिर स्पॉट एडमिशन का मौका दिया गया है।
हालांकि, विद्यार्थियों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि वे आवेदन करने से पहले संबंधित पोर्टल पर उपलब्ध सीटों की स्थिति जरूर जांच लें। जिस कॉलेज या विषय में सीट खाली नहीं होगी, वहां स्पॉट नामांकन नहीं हो सकेगा। ऐसे में केवल आवेदन करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उपलब्ध सीट और पात्रता के आधार पर ही दाखिले का रास्ता खुलेगा।
बिहार में यूजी दाखिले की प्रक्रिया के कई चरण पूरे होने के बाद भी इतनी बड़ी संख्या में सीटें खाली रहना विश्वविद्यालयों के लिए चिंता का विषय है। अब 6 से 8 अक्टूबर तक होने वाले स्पॉट आवेदन से उम्मीद की जा रही है कि बड़ी संख्या में विद्यार्थी आगे आएंगे और खाली सीटों पर दाखिला लेकर अपनी स्नातक पढ़ाई शुरू कर सकेंगे।