Bihar TRE 4: बिहार में शिक्षक भर्ती के चौथे चरण (TRE-4) की प्रक्रिया अंतिम प्रशासनिक चरण में पहुंच गई है। शिक्षा विभाग ने सोमवार को 20 हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति का प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग को भेज दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास इस विभाग का प्रभार है। उनकी मंजूरी मिलने के बाद एक-दो दिनों में अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को भेज दी जाएगी। इसके बाद आयोग विस्तृत विज्ञापन जारी कर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू करेगा।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि विभाग ने समय पर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के उद्देश्य से प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग को भेज दिया है। मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिलते ही अधियाचना BPSC को भेजी जाएगी, ताकि नियुक्ति में किसी तरह की देरी न हो। इस भर्ती में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के साथ-साथ प्राथमिक स्तर के कुछ रिक्त पदों को भी शामिल किया जाएगा।
फर्जी TRE-4 विज्ञापन से रहें सावधान
इधर, BPSC ने सोमवार देर रात सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे TRE-4 भर्ती विज्ञापन को पूरी तरह फर्जी बताया है। आयोग के जनसंपर्क अधिकारी ने स्पष्ट किया कि अभी तक आयोग को शिक्षा विभाग से रिक्तियों का अधियाचन प्राप्त नहीं हुआ है। जैसे ही वैकेंसी प्राप्त होगी, आयोग आधिकारिक सूचना जारी करेगा और उसी के बाद भर्ती का विज्ञापन प्रकाशित किया जाएगा।
शिक्षक तबादले के आवेदन
वहीं शिक्षक स्थानांतरण की प्रक्रिया भी अब शुरू होने जा रही है। शिक्षा विभाग के ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर 30 जुलाई से 5 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। सरकार ने तबादले के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी जारी कर दी है। नई व्यवस्था के तहत पात्र शिक्षकों को जिला और अंतर-जिला स्थानांतरण का अवसर मिलेगा। हालांकि TRE-3 से नियुक्त शिक्षकों और नियोजित शिक्षकों को इस प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया है।
नई वरीयता के आधार पर तय होगी वरिष्ठता
सरकार के अनुसार, अंतर-जिला स्थानांतरण का विकल्प चुनने वाले शिक्षकों की सेवा वरीयता नए जिले के आधार पर तय होगी। स्थानांतरण के बाद संबंधित शिक्षक की वरिष्ठता उस जिले में पहले से कार्यरत शिक्षकों के बाद मानी जाएगी। इसी तरह अंतर-प्रमंडलीय स्थानांतरण की स्थिति में वरीयता नए प्रमंडल के अनुसार निर्धारित होगी।
स्थानांतरण प्रक्रिया में सबसे पहले अधिशेष शिक्षकों का समायोजन और समानुपातीकरण किया जाएगा। इसके बाद पारस्परिक स्थानांतरण के मामलों का निपटारा होगा और अंत में सामान्य स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शिक्षकों से जिले का चयन सोच-समझकर करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि स्थानांतरण के बाद सेवा वरीयता नए जिले के अनुसार तय होगी और स्थानांतरण के बाद अगले पांच वर्षों तक दोबारा तबादले का अवसर नहीं मिलेगा।