Bihar News : बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। भर्ती परीक्षाओं को लेकर लंबे समय से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सरकार और अभ्यर्थियों के प्रतिनिधियों के बीच कई अहम मुद्दों पर सहमति बन गई है। बैठक में छात्रों की कुल 10 मांगों पर चर्चा हुई और सरकार ने इन मांगों को लेकर आगे की कार्रवाई का भरोसा दिया है।


सबसे बड़ी राहत शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को मिली है। BPSC TRE-4 की परीक्षा एक ही चरण में आयोजित करने पर सहमति बनी है। यानी अभ्यर्थियों को प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के अलग-अलग चरणों से नहीं गुजरना होगा। TRE-4 के नोटिफिकेशन के बाद से ही अभ्यर्थी एकल परीक्षा की मांग को लेकर पटना के गर्दनीबाग में आंदोलन कर रहे थे।


भर्ती परीक्षा का कैलेंडर होगा अहम

छात्रों की प्रमुख शिकायत भर्ती प्रक्रियाओं में देरी को लेकर रही है। अब सरकार और अभ्यर्थियों के बीच इस बात पर सहमति बनी है कि भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया जाएगा और उसके मुताबिक प्रक्रिया पूरी करने की कोशिश होगी।


इसका सीधा फायदा उन युवाओं को मिल सकता है जो वर्षों से अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। परीक्षा की तारीख, परिणाम और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर अनिश्चितता कम करने की दिशा में यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


लाइब्रेरियन भर्ती का रास्ता भी साफ

बैठक में पुस्तकालय अध्यक्ष यानी लाइब्रेरियन के पदों पर भर्ती का मुद्दा भी उठा। सरकार ने वैकेंसी के अनुरूप इस भर्ती प्रक्रिया को जल्द शुरू करने की दिशा में सहमति जताई है। लंबे समय से इस भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए इसे राहत के तौर पर देखा जा रहा है।


BPSC की परीक्षाओं और पुरानी भर्तियों पर भी चर्चा

छात्रों ने BPSC की 70वीं परीक्षा की जांच, 1799 दारोगा पदों की भर्ती की जांच और BPSC की सभी परीक्षाओं को समय पर कराने समेत कई मुद्दे उठाए। इन मामलों को प्रस्तावित परीक्षा सुधार कमिटी के सामने रखने पर सहमति बनी है।


इसी तरह असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती से पहले बिहार पात्रता परीक्षा यानी BET कराने की मांग भी कमिटी के सामने रखी जाएगी। कमिटी के फैसले के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


डोमिसाइल पर भी सरकार ने दिया भरोसा

बिहार के अभ्यर्थियों के लिए सबसे संवेदनशील मुद्दों में से एक डोमिसाइल नीति भी बैठक में शामिल रही। सरकार की ओर से कहा गया कि भर्ती प्रक्रियाओं में बिहार के स्थानीय निवासियों को अधिकतम अवसर देने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।


डोमिसाइल नीति को लागू करने से जुड़े कानूनी पहलुओं पर न्यायविदों से मिले सुझावों के आधार पर नियमानुसार आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। यानी इस मुद्दे पर सरकार ने स्थानीय युवाओं की मांग को गंभीरता से लेने का संकेत दिया है।


उम्र सीमा पर भी होगी चर्चा

कई प्रतियोगी परीक्षार्थी अधिकतम उम्र सीमा बढ़ाने की मांग भी कर रहे हैं। इस मांग को भी परीक्षा सुधार कमिटी के सामने रखने पर सहमति बनी है। कमिटी इस पर विचार करेगी और इसके बाद आगे निर्णय लिया जा सकता है।


पेपर लीक मामलों की जांच EOU करेगी

भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर भी छात्रों की नाराजगी रही है। बैठक में सहमति बनी कि BPSC AEDO, सेनेटरी इंस्पेक्टर समेत अन्य परीक्षाओं में सामने आए पेपर लीक मामलों की जांच आर्थिक अपराध इकाई यानी EOU करेगी।


सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने की बात भी कही है।


कुल मिलाकर सरकार और अभ्यर्थियों के बीच हुई यह बातचीत बिहार के प्रतियोगी छात्रों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। TRE-4 को एकल परीक्षा कराने का फैसला तत्काल राहत देने वाला है, जबकि डोमिसाइल, उम्र सीमा, पेपर लीक और भर्ती कैलेंडर जैसे मुद्दों पर आगे होने वाली कार्रवाई पर छात्रों की नजर रहेगी। अब असली परीक्षा इन फैसलों को जमीन पर लागू करने की होगी।