केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 9,072 करोड़ की 3 रेलवे मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को दी मंजूरी कटिहार में ब्रजेश ऑटोमोबाइल्स का कार्यक्रम, महिंद्रा की 3 नई गाड़ियों की लॉन्चिंग 25 हजार का इनामी अपराधी राहुल सिंह गिरफ्तार, 15 संगीन मामलों के आरोपी को सहरसा पुलिस ने दबोचा Bihar News: रेरा का डंडा..Patna Green Housing के निदेशक को 60 दिनों में सूद समेत पैसा वापस करने का आदेश... ‘मृत भाई’ का दावा साबित नहीं कर सके अंचल अधिकारी प्रिंस राज, मृत्यु प्रमाण-पत्र न देने पर चयनमुक्त Bihar Crime News: हत्या के पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा, भोज से लौट रहे युवक की पीट-पीटकर ले ली थी जान Indian Army Inspirational Story: जिस यूनिट में शहीद हुए पति, उसी में अफसर बनी पत्नी; बेटे को भी फौज में भेजने का है सपना घोड़े पर सवार डिलीवरी ब्वॉय, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल बिहार में बेखौफ हुए अपराधी: दिनदहाड़े CSP में घुसकर की लूटपाट, हथियार के बल पर लूट लिए इतने रूपये बिहार में बेखौफ हुए अपराधी: दिनदहाड़े CSP में घुसकर की लूटपाट, हथियार के बल पर लूट लिए इतने रूपये
24-Feb-2026 05:15 PM
By Viveka Nand
Bihar Transport News: सड़क परिवहन मंत्रालय ने एक बार फिर से गाड़ियों के मैन्यूअली फिटनेस जांच शुरू करने का आदेश जारी किया है. यह आदेश परिवहन विभाग के आग्रह पर दिया गया है. जिन जिलों में स्वचालित परीक्षण केंद्र शुरू नहीं हुए हैं, वहां एक नियत अवधि के लिए फिर से मोटर वाहन इंस्पेक्टर को यह अधिकार दिया गया है.
इस संबंध में सड़क परिवहन मंत्रालय ने बिहार के परिवहन सचिव को पत्र भेजा है. सारण जिले में 15 मार्च तक,समस्तीपुर में 20 और गया जिले में 30 मार्च तक मैन्यूअल तरीके से फिटनेस जांच की छूट दी गई है. वहीं बेगूसपाय, सिवान, कैमूर,मोतिहारी,मधुबनी,पूर्णिया,गोपालगंज,भोजपुर,मुजफ्फरपुर जिले में26 जुलाई तक मोटरयान निरीक्षकों को यह अधिकार दिया गया है. जबकि औरंगाबाद,नवादा,जहानाबाद,सहरसा में 31 अक्टूबर तक मोटरयान निरीक्षक मैन्यूअल तरीके से गाड़ियों का पिटनेस जांच कर सकते हैं.
दरअसल, बिहार में सभी जिलों में एटीएस नहीं खुले हैं, इसी बीच मंत्रालय ने एमवीआई द्वारा मैन्युअली जांच कर फिटनेस प्रमाण पत्र देने से पर रोक लगा दिया था. जिससे वाहन मालिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. इसके बाद कई संघों ने इस संबंध में पत्र लिखा था.भोजपुर जिला ट्रक ओनर एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय यादव ने भी इस संबंध में परिवहन विभाग से लेकर सड़क परिवहन मंत्रालय को पत्र लिखा था. अब सरकार ने निर्णय बदला है और फिर से मोटरयान निरीक्षकों को यह अधिकार दे दिया है.
