Bihar transport rule : बिहार में ट्रैफिक नियमों को लेकर परिवहन विभाग अब और सख्त होने जा रहा है। राज्य में लगातार बढ़ रहे यातायात उल्लंघन और लंबित चालानों की समस्या को देखते हुए विभाग एक नई नियमावली तैयार कर रहा है। प्रस्तावित नियम के अनुसार, जिन वाहन मालिकों पर पुराने ट्रैफिक चालान का जुर्माना बकाया रहेगा, वे अपने नाम पर नई गाड़ी नहीं खरीद सकेंगे। विभाग का मानना है कि इस कदम से लोगों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और समय पर जुर्माना जमा करने की आदत विकसित होगी।
दरअसल, बिहार में पिछले कुछ वर्षों के दौरान ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। राजधानी पटना सहित राज्य के कई शहरों में रेड लाइट जंप, बिना हेलमेट वाहन चलाना, सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करना और गलत पार्किंग जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इन मामलों को रोकने के लिए परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस ने कई प्रमुख चौक-चौराहों पर हाईटेक सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। कैमरों की मदद से नियम तोड़ने वालों की पहचान कर ऑनलाइन चालान भेजे जा रहे हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग चालान भरने में लापरवाही कर रहे हैं।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मई 2023 से फरवरी 2026 तक केवल पटना और आसपास के जिलों में ही करीब 32.58 लाख ट्रैफिक चालान जारी किए गए। इनमें हजारों ऐसे मामले हैं, जिनमें वाहन मालिकों ने अब तक जुर्माना जमा नहीं किया है। विभाग का कहना है कि इससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है और ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की कोशिशों पर भी असर पड़ रहा है।
इसी समस्या से निपटने के लिए अब नया नियम लागू करने की तैयारी चल रही है। नई व्यवस्था के तहत यदि किसी व्यक्ति के नाम पर पुरानी गाड़ी का चालान लंबित पाया जाता है, तो उसके नाम से खरीदी गई नई गाड़ी का रजिस्ट्रेशन रोक दिया जाएगा। यानी जब कोई व्यक्ति नई गाड़ी खरीदेगा और उसके कागजात जिला परिवहन कार्यालय भेजे जाएंगे, तब सबसे पहले उसके पुराने रिकॉर्ड की जांच होगी। यदि सिस्टम में बकाया चालान दिखा, तो नई गाड़ी के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।
जानकारी के मुताबिक, विभाग वाहन खरीदारों की पहचान आधार कार्ड और नाम के जरिए करेगा। इसके बाद उनकी पुरानी गाड़ियों का पूरा रिकॉर्ड निकाला जाएगा। सभी विवरण सही पाए जाने और बकाया चालान जमा होने के बाद ही वाहन का रजिस्ट्रेशन मंजूर किया जाएगा। विभाग इस प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने की योजना पर काम कर रहा है, ताकि जांच में पारदर्शिता बनी रहे और किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना न हो।
परिवहन विभाग इस संबंध में राज्यभर के वाहन डीलरों और एजेंसियों को भी दिशा-निर्देश जारी करेगा। डीलरों को ग्राहकों को पहले से यह जानकारी देने को कहा जाएगा कि यदि उनके ऊपर पुराना ट्रैफिक फाइन बकाया है, तो नई गाड़ी का रजिस्ट्रेशन अटक सकता है। इससे वाहन खरीदने वाले लोग पहले ही अपना चालान क्लियर कर सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम सड़क सुरक्षा के लिहाज से भी अहम साबित हो सकता है। सख्ती बढ़ने के बाद लोग ट्रैफिक नियमों को लेकर अधिक जिम्मेदार होंगे। साथ ही समय पर चालान जमा करने की प्रवृत्ति भी बढ़ेगी। हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि सरकार को चालान भुगतान की प्रक्रिया को और सरल बनाना चाहिए ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
फिलहाल परिवहन विभाग नई नियमावली को अंतिम रूप देने में जुटा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इसे लागू कर दिया जाएगा। ऐसे में वाहन चालकों के लिए जरूरी है कि वे अपने लंबित चालानों की जांच करें और समय रहते जुर्माना जमा कर दें, वरना नई गाड़ी खरीदने का सपना अधूरा रह सकता है।