Traffic Challan Payment Online: बिहार में ट्रैफिक चालान जमा करने के लिए अब वाहन मालिकों को परेशान नहीं होना पड़ेगा. परिवहन विभाग जल्द ही चालान भुगतान की सुविधा को डिजिटल पेमेंट एप से जोड़ने जा रहा है. इसके बाद लोग Google Pay, PhonePe, Paytm और इंटरनेट बैंकिंग के जरिए घर बैठे अपने ट्रैफिक चालान की राशि जमा कर सकेंगे. इसके लिए भारत बिल पेमेंट सिस्टम (BBPS) प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है, जिसे 16 नवंबर से लाइव करने की तैयारी है.


परिवहन विभाग की ओर से गुरुवार को BBPS प्लेटफॉर्म का डेमोस्ट्रेशन किया गया. इस दौरान अधिकारियों ने निर्धारित समय पर प्लेटफॉर्म को शुरू करने और डिजिटल भुगतान से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया. विभाग की डिजिटल भुगतान व्यवस्था को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ने के लिए नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) के माध्यम से API इंटीग्रेशन का काम पूरा कर लिया गया है.


भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के प्रतिनिधियों ने बैठक में बताया कि प्लेटफॉर्म की टेस्टिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है. अब इसे 16 नवंबर से शुरू करने की योजना है. इसके लाइव होते ही वाहन चालक अपने पसंदीदा डिजिटल पेमेंट एप के जरिए ट्रैफिक चालान का भुगतान कर सकेंगे.


अब चालान जमा करने के लिए नहीं लगाने होंगे चक्कर

BBPS प्लेटफॉर्म शुरू होने के बाद वाहन मालिकों को चालान भरने के लिए अलग-अलग प्रक्रियाओं से नहीं गुजरना पड़ेगा. वे अपने मोबाइल फोन से ही Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे एप के माध्यम से भुगतान कर सकेंगे. इससे लोगों को चालान जमा करने के लिए किसी कार्यालय जाने या निर्धारित पोर्टल पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी.


परिवहन सचिव राज कुमार ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता परिवहन सेवाओं को तकनीक आधारित, पारदर्शी और आम लोगों के लिए सुविधाजनक बनाना है. BBPS के माध्यम से ट्रैफिक चालान भुगतान की सुविधा शुरू होने से वाहन मालिकों को काफी सहूलियत मिलेगी. लोग घर बैठे अपने पसंदीदा डिजिटल पेमेंट एप से चालान की राशि जमा कर सकेंगे.


राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने बताया कि फिलहाल इस प्लेटफॉर्म के जरिए ट्रैफिक चालान भुगतान की सुविधा शुरू की जा रही है. विभाग की योजना आने वाले दिनों में परिवहन विभाग से जुड़ी अन्य भुगतान सेवाओं को भी BBPS प्लेटफॉर्म से जोड़ने की है.


उन्होंने कहा कि विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक सेवाओं को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराया जाए, ताकि आम नागरिकों को एक ही प्लेटफॉर्म के जरिए अलग-अलग सेवाओं का भुगतान करने में आसानी हो. इससे परिवहन विभाग की भुगतान व्यवस्था पहले से अधिक सरल और सुविधाजनक बन सकेगी.