Bihar News : बिहार में ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ अब परिवहन विभाग और सख्त होने जा रहा है। राज्य सरकार ने यातायात चालान जमा करने की समयसीमा में बड़ा बदलाव करते हुए इसे 90 दिनों से घटाकर 45 दिन कर दिया है। यानी अब वाहन चालकों को जुर्माना भरने के लिए पहले की तुलना में आधा समय मिलेगा। अगर तय समय के भीतर चालान की राशि जमा नहीं की गई, तो वाहन मालिकों को कई गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
परिवहन विभाग के अनुसार, समय पर चालान नहीं भरने वाले वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC), इंश्योरेंस और प्रदूषण प्रमाण पत्र तक रद्द किए जा सकते हैं। इसके अलावा ऐसे वाहन मालिक अपनी गाड़ी की खरीद-बिक्री भी नहीं कर पाएंगे। विभाग का कहना है कि ट्रैफिक नियमों की लगातार अनदेखी करने वालों पर अब किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
दरअसल, विभाग को लगातार शिकायत मिल रही थी कि कई वाहन चालक चालान लंबित रहने के बावजूद किसी न किसी माध्यम से प्रदूषण प्रमाण पत्र बनवा लेते हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए अब विशेष निगरानी की जाएगी। यदि जांच के दौरान यह पाया गया कि किसी वाहन का चालान लंबित है और फिर भी उसका प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी किया गया है, तो उस प्रमाण पत्र को तत्काल रद्द कर दिया जाएगा। साथ ही संबंधित वाहन चालक पर अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जाएगा। इतना ही नहीं, जिस प्रदूषण जांच केंद्र से प्रमाण पत्र जारी किया गया होगा, उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में जिलों को इस संबंध में सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। विभाग का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना और लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जिम्मेदार बनाना है।
इसके अलावा, बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले चालकों के लिए विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जा रही है। ऐसे वाहन चालकों को जिला परिवहन कार्यालय में यातायात नियमों से संबंधित ट्रेनिंग दी जाएगी। यदि कोई चालक लगातार नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस जब्त किया जा सकता है। जब तक वह निर्धारित प्रशिक्षण पूरा नहीं करेगा, तब तक लाइसेंस वापस नहीं मिलेगा।
इस व्यवस्था की शुरुआत पहले पटना समेत कुछ जिलों में की गई थी, लेकिन अब इसे पूरे बिहार में लागू करने की तैयारी है। विभाग के मुताबिक अगले एक-दो महीनों में सभी जिला परिवहन कार्यालयों में यह नियम प्रभावी रूप से लागू कर दिया जाएगा।
इधर, लंबित ई-चालानों के निपटारे के लिए परिवहन विभाग ने राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से विशेष अभियान भी चलाया। “एकमुश्त यातायात चालान निपटान योजना-2026” के तहत राज्यभर में करीब 20 हजार से अधिक लंबित ई-चालानों का निबटारा किया गया। इस दौरान लगभग पांच करोड़ रुपये की राशि जमा हुई। योजना के तहत चालान जमा करने वाले वाहन चालकों को 50 प्रतिशत तक की विशेष छूट भी दी गई। परिवहन विभाग ने बताया कि अगले तीन महीनों में फिर से राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा, जिसमें लंबित चालानों के निपटारे पर लोगों को राहत दी जाएगी।