BIHAR NEWS : बिहार में BJP का उदय ! पढ़िए JDU के आगे 'सीनियर' बनने की पूरी टाइमलाइन; कब कैसे बदली रणनीति MPs Salary: राज्यसभा सांसदों को मिलती है कितनी सैलरी? जानिए सुविधाएं और उनके अधिकार BIHAR NEWS : बिहार के नए युग की नई तस्वीर ! CM आवास के इस फोटो में छिपा बड़ा संदेश, जानिए क्या है इसके राजनीतिक मायने नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर आया चिराग पासवान का रिएक्शन, जानिए.. क्या बोले LJP(R) चीफ? नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर आया चिराग पासवान का रिएक्शन, जानिए.. क्या बोले LJP(R) चीफ? Bihar News : 20 साल तक बिहार में चला Nitish Kumar का जादू, BJP से गठबंधन कई बार बिगड़ा और कई बार बना; पढ़िए क्या रहा है हिस्ट्री Bihar Politics : सीएम नीतीश से मिलने मुख्यमंत्री आवास पहुंचे अमित शाह, NDA नेताओं के साथ नामांकन करने निकलें UPSC Success Story: डॉक्टर बनने का टूटा सपना, 120 दिन की तैयारी और बिना कोचिंग बनी IAS, जानिए पूरी कहानी Bihar Politics : BJP ने दिया नीतीश कुमार को धोखा, चाचा को निमंत्रण देने के सवाल पर बोले तेजस्वी ....बिहार की जनता चाहती है सत्ता परिवर्तन Petrol-Diesel Price Today: कच्चे तेल में अचानक उछाल, क्या आपके शहर में भी बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम? जानिए
28-Dec-2025 11:03 AM
By First Bihar
Bihar Tourism News : नई व्यवस्था के तहत पटना से बोधगया, कैमूर, नवादा, सासाराम, बेतिया, बांका, पश्चिम चंपारण (बीटीआर क्षेत्र) सहित अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक सीधी बस सेवा शुरू की जाएगी। इन रूट्स का चयन पर्यटकों की आवाजाही, धार्मिक महत्व और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है।
परिवहन विभाग ने बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) को सभी चिन्हित पर्यटन स्थलों का सर्वे कराने का निर्देश दिया है। इस सर्वे के आधार पर दूरी, यात्रा समय, सड़क की स्थिति और संभावित यात्रियों की संख्या को देखते हुए रूट और बसों की संख्या तय की जाएगी।
किराया रहेगा किफायती
सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि बसों का किराया हर वर्ग के यात्रियों की जेब को ध्यान में रखकर तय किया जाएगा। नॉन एसी बसों का संभावित किराया 150 से 600 रुपये और एसी बसों का किराया 200 से 700 रुपये के बीच हो सकता है।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अंतिम किराया सरकार के स्तर पर तय होगा और इसमें जरूरत के अनुसार बदलाव भी संभव है। मकसद यही है कि धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आम लोगों के लिए महंगी न पड़े और अधिक से अधिक लोग इन सेवाओं का लाभ उठा सकें।
पर्यावरण के अनुकूल परिवहन पर जोर
राज्य परिवहन निगम की कई बसें पुरानी और जर्जर हो चुकी हैं, जिससे न केवल यात्रियों को असुविधा होती है बल्कि प्रदूषण भी बढ़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों पर जोर दे रही है।
परिवहन सचिव राजकुमार ने बताया कि इन बसों के परिचालन से प्रदूषण में कमी आएगी और ईंधन पर होने वाला खर्च भी घटेगा। साथ ही, यह पहल बिहार को हरित और टिकाऊ परिवहन की दिशा में आगे ले जाने में मदद करेगी।
टूरिस्ट फ्रेंडली सुविधाओं से लैस होंगी बसें
पर्यटकों को बेहतर अनुभव देने के लिए बसों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। इनमें आरामदायक सीटें, म्यूजिक सिस्टम, टीवी या एलईडी स्क्रीन, मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट और लगेज रखने की अलग व्यवस्था होगी।
कुछ बसों में सीट बेल्ट, फर्स्ट एड बॉक्स और पानी की बोतल जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षित ड्राइवरों की तैनाती की जाएगी। साथ ही, कुछ प्रमुख रूट्स पर गाइड की सुविधा देने की भी योजना है, ताकि पर्यटकों को संबंधित स्थलों की ऐतिहासिक और धार्मिक जानकारी मिल सके।
बढ़ते पर्यटन आंकड़े और भविष्य की योजना
पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में बिहार में 6.06 करोड़ घरेलू और 7.36 लाख विदेशी पर्यटक पहुंचे। अकेले पटना में 1.06 लाख घरेलू और 23 हजार विदेशी पर्यटकों का आगमन हुआ। सरकार का मानना है कि बेहतर परिवहन कनेक्टिविटी से आने वाले वर्षों में यह संख्या और बढ़ेगी।
भविष्य की योजना के तहत वर्ष 2026-27 में करीब 200 नई बसें खरीदी जाएंगी, जिनमें 100 लोकल रूट और 100 स्टेट रूट पर चलाई जाएंगी। इसके अलावा केंद्र सरकार से 400 इलेक्ट्रिक बसें मिलने की भी योजना है, जिससे राज्य में सार्वजनिक परिवहन का स्वरूप पूरी तरह बदल सकता है।
पर्यटन के साथ रोजगार को भी बढ़ावा
इस योजना से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। ड्राइवर, कंडक्टर, मेंटेनेंस स्टाफ और टूर गाइड जैसी सेवाओं में लोगों को रोजगार मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से बिहार के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूती मिलेगी। सरकार को उम्मीद है कि यह पहल बिहार को एक प्रमुख पर्यटन राज्य के रूप में स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगी।