Bihar Tender Scam: बिहार में रिशुश्री से जुड़े कथित टेंडर घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. गुरुवार को आईएएस अधिकारी संतोष कुमार मल्ल पटना स्थित ईडी कार्यालय पहुंचे, जहां उनसे मामले को लेकर लंबी पूछताछ की गई. जांच एजेंसी इस मामले में एक के बाद एक वरिष्ठ अधिकारियों से सवाल-जवाब कर रही है. इससे पहले बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष आईएएस धर्मेंद्र कुमार से भी कई घंटों तक पूछताछ की गई थी.


जानकारी के अनुसार, संतोष कुमार मल्ल गुरुवार की सुबह ही पटना स्थित ईडी कार्यालय पहुंच गए थे. यहां जांच अधिकारियों ने उनसे टेंडर घोटाले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सवाल पूछे. ईडी की टीम ने पूछताछ के लिए पहले से सवालों की सूची तैयार की थी. अधिकारी से मामले में उनका पक्ष जानने के साथ-साथ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर भी पूछताछ की गई.


धर्मेंद्र कुमार से सात घंटे तक हुई थी पूछताछ

इससे एक दिन पहले बुधवार को ईडी ने बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष आईएएस धर्मेंद्र कुमार से करीब सात घंटे तक पूछताछ की थी. जानकारी के मुताबिक, उनसे सुबह करीब 11 बजे से शाम 6 बजे तक सवाल-जवाब किए गए. इस दौरान जांच अधिकारियों ने रिशुश्री के साथ हुई चैट के कुछ अंश और अन्य साक्ष्य दिखाकर 40 से अधिक सवाल पूछे.


धर्मेंद्र कुमार से पूछताछ के दौरान उनकी विदेश यात्रा से जुड़े तथ्यों पर भी सवाल उठाए गए. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, धर्मेंद्र कुमार और उनकी पत्नी ने 16 जुलाई से 26 जुलाई 2025 के बीच यूरोप की यात्रा की थी. उस समय वह बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (BMSICL) के प्रबंध निदेशक थे.


यूरोप यात्रा के खर्च को लेकर भी जांच

ईडी की ओर से अदालत में पेश रिपोर्ट के अनुसार, ठेकेदार रिशु श्री ने धर्मेंद्र कुमार और उनकी पत्नी की यूरोप यात्रा के दौरान 10,000 अमेरिकी डॉलर के बराबर राशि की व्यवस्था की थी. हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं है कि यह पूरी राशि नकद दी गई थी या इसके कुछ हिस्से की व्यवस्था किसी अन्य माध्यम से की गई थी.


जांच एजेंसी इस मामले से जुड़े वित्तीय लेनदेन और अधिकारियों के साथ कथित संपर्कों की पड़ताल कर रही है. पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है.


छह आईएएस अधिकारियों को भेजा गया समन

टेंडर घोटाले की जांच अब बिहार प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच गई है. ईडी ने मामले में पूछताछ के लिए छह आईएएस अधिकारियों को समन भेजा है. एजेंसी इन अधिकारियों से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है, ताकि कथित टेंडर घोटाले में उनकी भूमिका और अन्य संबंधित पहलुओं को समझा जा सके.


संतोष कुमार मल्ल से पहले ईडी आईएएस धर्मेंद्र कुमार, आईएएस अभिलाषा कुमारी शर्मा और आईएएस सुनील यादव से पूछताछ कर चुकी है. वहीं, योगेश सागर ने पूछताछ के लिए पेश होने की तारीख आगे बढ़वा ली है. आईएएस आनंद किशोर को 30 अक्टूबर को ईडी कार्यालय में पेश होने के लिए तलब किया गया है.


रिशुश्री से जुड़े कथित टेंडर घोटाले में लगातार हो रही पूछताछ से जांच का दायरा बढ़ता दिखाई दे रहा है. फिलहाल ईडी अधिकारियों से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है.