Bihar Teacher Transfer 2026 : बिहार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। अगर आप भी अपने घर के नजदीक स्कूल में पोस्टिंग पाने या दूसरे जिले में स्थानांतरण का इंतजार कर रहे हैं, तो नवंबर का दूसरा सप्ताह आपके लिए अहम हो सकता है। बिहार में शिक्षकों के सामान्य स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल एक बार फिर खोले जाने की तैयारी है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने एक कार्यक्रम के दौरान इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण स्थानांतरण की प्रक्रिया रोक दी गई थी। इसके समाप्त होने के बाद पोर्टल दोबारा खोलने की योजना है।

शिक्षा मंत्री के इस बयान से उन शिक्षकों को उम्मीद मिली है, जो किसी पारिवारिक जरूरत, आने-जाने की परेशानी या अन्य कारणों से अपना स्थानांतरण चाहते हैं। हालांकि, पोर्टल खुलने की अंतिम तारीख और आवेदन की समय-सीमा को लेकर विस्तृत कार्यक्रम का इंतजार करना होगा।

नवंबर में खुलेगा पोर्टल, किन शिक्षकों को मिलेगा मौका?

बिहार में शिक्षक स्थानांतरण की प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए नवंबर का दूसरा सप्ताह महत्वपूर्ण हो सकता है। शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि सामान्य स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल फिर से खोलने की तैयारी की जा रही है। इससे इच्छुक शिक्षकों को अपनी जरूरत के अनुसार स्थानांतरण के लिए आवेदन करने का अवसर मिल सकेगा।

दरअसल, बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026 के तहत पहले चरण में ऑनलाइन आवेदन लिए गए थे। इस दौरान बड़ी संख्या में शिक्षकों ने अलग-अलग श्रेणियों में स्थानांतरण के लिए अपनी दावेदारी पेश की थी। लेकिन निर्वाचन आयोग के निर्देश पर आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद यह प्रक्रिया रोक दी गई। अब सरकार की ओर से पोर्टल दोबारा खोलने की योजना सामने आने के बाद शिक्षकों की नजर शिक्षा विभाग के अगले आदेश पर है। आवेदन करने से पहले शिक्षकों को विभाग की ओर से जारी होने वाले दिशा-निर्देशों पर ध्यान देना होगा।

पहले चरण में आए थे 81,790 आवेदन, अब तक 21,940 का ट्रांसफर

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने स्थानांतरण से जुड़े आंकड़े साझा करते हुए बताया कि पहले चरण में कुल 81,790 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें सबसे अधिक आवेदन सरप्लस शिक्षकों की श्रेणी में आए थे। विभाग को सरप्लस शिक्षकों से संबंधित 61,123 आवेदन मिले थे। वहीं, आपसी सहमति यानी म्यूचुअल ट्रांसफर के लिए 9,244 शिक्षकों ने आवेदन किया था। इसके अलावा, अंतरजिला स्थानांतरण के लिए 11,423 आवेदन प्राप्त हुए थे।

 इन आवेदनों में से अब तक 21,940 शिक्षकों का स्थानांतरण किया जा चुका है। आंकड़ों से साफ है कि स्थानांतरण के लिए बड़ी संख्या में शिक्षक आवेदन कर रहे हैं और कई शिक्षकों को अब भी आगे की प्रक्रिया का इंतजार है। पोर्टल दोबारा खुलने पर उन शिक्षकों को भी अपनी जरूरत के अनुसार आवेदन करने का मौका मिल सकता है, जो पहले चरण में आवेदन नहीं कर पाए थे या सामान्य स्थानांतरण के लिए नए अवसर की प्रतीक्षा कर रहे हैं। हालांकि, पात्रता और आवेदन की शर्तें विभाग के आधिकारिक निर्देशों से ही स्पष्ट होंगी।

वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के 25 हजार कर्मियों को भी राहत

शिक्षा मंत्री ने केवल सरकारी शिक्षकों के स्थानांतरण की ही जानकारी नहीं दी, बल्कि वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों के बकाया भुगतान को लेकर भी बड़ा अपडेट साझा किया। उन्होंने बताया कि करीब 25 हजार शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों के भुगतान के लिए 195 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। बकाया राशि के भुगतान की प्रक्रिया प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के माध्यम से शुरू कर दी गई है। इस फैसले से उन कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से अपने बकाया भुगतान का इंतजार कर रहे थे। सरकार का कहना है कि शिक्षकों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

दूसरे राज्यों की सुविधाओं का भी अध्ययन कर रही सरकार

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बिहार सरकार दूसरे राज्यों में शिक्षकों को मिलने वाली सुविधाओं और वहां लागू व्यवस्थाओं का अध्ययन कर रही है। इसका उद्देश्य बिहार की परिस्थितियों के मुताबिक शिक्षकों के हित में बेहतर फैसले लेना है। उन्होंने 23 अक्टूबर को होने वाले बिहार विधान परिषद के शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन का भी जिक्र किया और एनडीए के सभी आठ प्रत्याशियों को विजयी बनाने की अपील की। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षकों के सम्मान और हितों की रक्षा के लिए काम कर रही है।

फिलहाल, बिहार के शिक्षकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण अपडेट यही है कि सामान्य स्थानांतरण पोर्टल नवंबर के दूसरे सप्ताह में फिर खोले जाने की योजना है। ऐसे में शिक्षकों को शिक्षा विभाग की आधिकारिक सूचना पर नजर रखनी चाहिए, ताकि आवेदन शुरू होते ही वे जरूरी प्रक्रिया पूरी कर सकें।