Bihar Teachers Transfer : बिहार के लाखों सरकारी शिक्षकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने एक कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों की पोस्टिंग, ट्रांसफर और स्कूलों में अनुशासन को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मंत्री ने साफ कहा कि सरकार शिक्षकों की समस्याओं का समाधान करेगी, लेकिन पढ़ाई में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि बिहार के हजारों शिक्षक अपने घर और परिवार से दूर रहकर नौकरी कर रहे हैं। इसे देखते हुए सरकार नई व्यवस्था लागू करने जा रही है, जिसके तहत शिक्षकों को अपनी पसंद का जिला चुनने का अवसर दिया जाएगा।


उन्होंने कहा कि 25 जून के बाद शिक्षकों के मोबाइल पर एक नोटिफिकेशन भेजा जाएगा, जिसमें वे अपनी पसंद का जिला चयन कर सकेंगे। इसके बाद संबंधित शिक्षक उस जिले में समायोजित हो जाएंगे। मंत्री के अनुसार शिक्षकों को दो या तीन नहीं बल्कि लगभग 30 विकल्प दिए जाएंगे, जिससे वे अपनी सुविधा के अनुसार जिला चुन सकें।


मिथिलेश तिवारी ने कहा कि राज्य में जल्द ही शिक्षकों का जिला कैडर बनाया जाएगा। जो शिक्षक जिस जिले का चयन करेंगे, वे उसी जिले के स्थायी कैडर का हिस्सा बन जाएंगे। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में जिला बदलने की स्थिति में संबंधित शिक्षक की वरिष्ठता समाप्त हो सकती है।


महिला शिक्षकों को लेकर भी सरकार ने बड़ी घोषणा की है। मंत्री ने कहा कि महिला शिक्षकों की पदस्थापना उनके निकटतम पंचायत में की जाएगी, जबकि पुरुष शिक्षकों को उनके नजदीकी प्रखंड में नियुक्त किया जाएगा। इससे शिक्षकों को अपने परिवार के साथ रहने में सुविधा मिलेगी और विद्यालयों में नियमित उपस्थिति भी सुनिश्चित हो सकेगी।


शिक्षा मंत्री ने भ्रष्टाचार के खिलाफ भी कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग सरस्वती माता का मंत्रालय है और यहां लक्ष्मी माता की आराधना नहीं चलेगी। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई भ्रष्टाचार में शामिल पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


मंत्री ने शिक्षकों की उपस्थिति और कार्यप्रणाली पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अब स्कूलों में एआई आधारित मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू की जाएगी। यदि कोई शिक्षक विद्यालय परिसर से बाहर जाता है तो उसकी उपस्थिति प्रभावित हो सकती है। एक घंटे से अधिक समय तक अनुपस्थित रहने पर पूरे दिन की हाजिरी कट सकती है।


उन्होंने कहा कि अब शिक्षकों की उपस्थिति शिक्षा विभाग के पोर्टल पर दर्ज होगी। इसके साथ ही शिक्षकों का मूल्यांकन छात्रों की शैक्षणिक प्रगति के आधार पर किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य केवल उपस्थिति सुनिश्चित करना नहीं बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है।


मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य के प्रत्येक प्रखंड में एक मॉडल विद्यालय का चयन किया गया है। भूमिहीन और उन्नयन की आवश्यकता वाले विद्यालयों की सूची तैयार कर विकास कार्य कराए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य सरकारी स्कूलों को बेहतर सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना है।


बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सरकार की यह पहल लाखों शिक्षकों के लिए राहत भरी मानी जा रही है। वहीं सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि सुविधाओं के साथ-साथ शिक्षकों की जवाबदेही भी तय होगी और बच्चों की पढ़ाई में किसी तरह की कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी।